तारकेश्वर धाम : जहां आस्था मारती है हिलौरें- विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा और 5 हजार फुट लंबी गुफा करती है हरेक को आकर्षित
Dabwalinews.com
सिरसा के विधायक एवं पूर्व गृहराज्यमंत्री गोपाल कांडा और उनके अनुज गोबिंद कांडा ने श्री तारकेश्वर धाम के रूप में सिरसावासियों को बेजोड़ मिसाल भेंट की है। धर्मनगरी सिरसा में श्री बाबा तारा कुटिया जैसा धार्मिक व दर्शनीय स्थल तैयार करवाया है, जिसकी पूरे उत्तरभारत में गूंज सुनाई देती है। लगभग 20 एकड़ में फैला यह दर्शनीय स्थल आस्था का प्रतीक है। यहां पर सालभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। यहां पर नवरात्रि, जन्माष्टमी, दीपावली के साथ-साथ अन्य पर्व बड़ी श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाए जाते है। लेकिन महाशिवरात्रि पर्व की छटा तो देखने योग्य होती है। महाशिवरात्रि पर्व की इसलिए बड़ी महत्ता है क्योंकि हर वर्ष यहां पर बड़े धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। बाबा तारा के परम भक्तों में शुमार गोपाल कांडा व गोबिंद कांडा अन्य सेवकों के साथ धार्मिक आयोजन में सेवा करते है। संभवत: देश का ऐसा कोई धार्मिक केंद्र हो, जहां श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए वाहन की भी सेवा उपलब्ध हों। कांडा बंधुओं द्वारा श्री बाबा तारा कुटिया में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के दौरान आमजन की सुविधा के लिए शहर के हर ओर निशुल्क वाहन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग धर्म का लाभ उठा सकें।
श्री बाबा तारा जी के परम भक्त गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा ने उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने में कोई कोरकसर बाकी नहीं छोड़ी। श्री तारकेश्वर धाम को भव्यता देने का कार्य 27 जुलाई 2003 से शुरू हुआ और आज भी इसमें काम चल रहा है। यहां पर देश ही नहीं बल्कि दुनियां की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा स्थापित है। जिसका वजन लगभग 600 टन है। इस प्रतिमा की आभा देखने योग्य है, जोकि श्रद्धालुओं को सम्मोहित करती है। प्रतिमा का तिलक, नाभी, कुण्डल व कड़े सोने की परत से ढंके हुए है। यहां पर 5000 फुट लंबी कृत्रिम गुफा का निर्माण किया गया है, जिसके मुख पर हनुमानजी विराजमान है। गुफा के भीतर प्राकृतिक दृश्य चित्रित किए गए है, जबकि ब्रह्मलीन बाबा ताराजी की झांकियां भी उकेरी गई है। गुफा में बाबा अमरनाथ, कैलाश पर्वत, 12 ज्योर्तिलिंग के दृश्य अंकित किए गए है। गुफा में प्रवेश करने वाला एकबारगी दीनदुनिया से बेखबर होकर धर्म व आस्था की गंगा में डूबकी लगाने लगता है। यह स्थल श्री बाबा तारा जी की तपोस्थली है, इसलिए यह सिद्ध स्थल है। श्रद्धालुओं को यहां मनमांगी मुराद हासिल होती है।
समूचा कांडा परिवार और बाबा के तमाम सेवक श्री बाबा तारा जी की सेवा में लगे रहते है। कुटिया परिसर को भव्यता प्रदान करने का कार्य सालभर चलता रहता है। बाबा के प्रति लोगों की आस्था व श्रद्धा का ही परिणाम है कि यहां पर ऐतिहासिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा चुका है। दुनिया में विख्यात भजनगायक व कलाकार श्री बाबा तारा कुटिया में अपनी प्रस्तुती दे चुके है। पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पहली बार शिव तांडव इसी कुटिया के आंगन में 10 मार्च को प्रस्तुत करेगी। इससे पहले सांसद एवं अभिनेत्री हेमामालिनी भी कुटिया में धार्मिक प्रस्तुति दे चुकी है। कुटिया परिसर में 9 मार्च को सामूहिक विवाह कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कांडा परिवार द्वारा 51 कन्याओं का कन्यादान किया जाएगा।
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