विपरीत परिस्थितियों में सही मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है मीडिया, जिला में 125 से अधिक मीडिया कर्मियों का किया वैक्सीनेशन
Dabwalinews.com
उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिला की सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं, दानी सज्जनों तथा ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला है, इससे अब गांवों में संक्रमण पर रोक लगने लगी है और जिला का रिकवरी रेट भी लगातार बढ रहा है। इनके सहयोग से जिला के गांवों में मेडिकल किटें भी वितरित करवाई गई है ताकि प्राथमिक लक्षण दिखने पर लोग घर पर ही सावधानी बरतें और समय पर उपचार लें। अब जिलावासी कोरोना संक्रमण को लेकर जागरूक हुए हैं, वैक्सीनेशन के लिए आगे आ रहे हैं और नियमों की भी गंभीरता से पालना कर रहे हैं जिसके सार्थक परिणाम नजर आने लगे हैं और पिछले एक सप्ताह से जिला में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि लोगों की जागरूकता में मीडिया बंधुओं का भी अहम योगदान रहा है।उपायुक्त वीरवार को स्थानीय मीडिया सेंटर में मीडिया बंधुओं के लिए आयोजित दो दिवसीय वैक्सीनेशन कैंप का शुभारंभ करने उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कैंप में मीडिया बंधुओं ने वैक्सीनेशन के लिए बढचढ कर भाग लिया। वैक्सीनेशन कैंप के पहले दिन 125 से अधिक पत्रकारों को वैक्सीन लगाई गई।उपायुक्त ने मीडिया बंधुओं को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकार एवं छायाकार कोरोना काल में सकारात्मक दृष्टिïकोण के साथ अति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं। इन विपरीत परिस्थितियों में मीडिया ही एक ऐसा माध्यम है, जो लोगों तक शासन एवं प्रशासन का संदेश जनता तक पंहुचाकर सही मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के प्रचार-प्रसार में पूर्ण सहयोग करें ताकि आमजन वैक्सीनेशन के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि हिदायतों की पालना व बचाव उपायों को गंभीरता से अपना कर नागरिक कोरोना संक्रमण से बच सकते है। सभी लोगों को मास्क का प्रयोग करना चाहिए, दो गज की दूरी बना कर रखें तथा समय-समय पर हाथों को सैनिटाइज करते रहें, स्वयं व दूसरों की सुरक्षा के लिए ये नियम अपनाना बहुत जरूरी है। इन सावधानियों के अलावा सरकार द्वारा जारी अन्य नियमों की भी पालना हर हाल में करनी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में ब्लैक फंगस के बढ़ते केसों को लेकर प्रशासन गंभीर है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों के प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल प्रैक्टिशनर का सहयोग लिया जा रहा है और उन्हें मेडिकल किट भी दिए गए हैं। इसके अलावा गांवों में ही आइसोलेशन केंद्र भी बनाए गए हैं, जो लोग होम आइसोलेट नहीं हो सकते, उनका आइसोलेशन केंद्र में उपचार किया जा रहा है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में ग्रामीण पूर्ण सहयोग करते हुए ठीकरी पहरे भी लगा रहे हैं और आमजन को बचाव उपाय अपनाने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। कोरोना के खिलाफ इस मुहिम में हर नागरिक के सहयोग व योगदान से ही हम कोरोना को हराने में निश्चित रूप से कामयाब होंगे। जिला में कोरोना संक्रमितों के ईलाज के लिए दवाइयों व ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। नागरिक कोरोना से घबराए नहीं बल्कि प्राथमिक लक्षण दिखते ही तुरंत टेस्टिंग करवा कर चिकित्सक के परामर्श अनुसार उपचार लें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में दाखिल होना जरूरी नहीं है। होम आइसोलेट तथा जरूरी सावधानियां अपना कर व्यक्ति स्वस्थ हो सकता है।
उन्होंने मीडिया बंधुओं से कहा कि 21 मई को भी मीडिया सैंटर में वैक्सीनेशन कैंप जारी रहेगा, इसलिए जो मीडिया बंधु वैक्सीनेशन से वंचित रह गए हैं, वे कल अवश्य लगवा लें। उन्होंने सभी पत्रकार बंधुओं से अनुरोध किया कि वे टीकाकरण करवाएं और कोविड-19 नियमों का पालन अवश्य करें।
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