बिना ढिंढोरे के सेवा कार्य में जुटा राधा स्वामी डेरा ,कोविड-19 के नियमों की सेवादार कर रहे पालना, शहरभर से पहुंच रहे लोग
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समाजसेवा का कार्य बिना किसी प्रचार के करने वालों में डेरा राधा स्वामी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है।डेरा के अनुयायियों द्वारा कोविड-19 के नियमों की पूर्णत: पालना की जाती है, जोकि अन्य संस्थाओं के लिए भी उदाहरण है।प्रशासन की ओर से हिसार रोड पर स्थित राधा स्वामी सत्संग घर व्यास सिकंदरपुर में वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। सत्संग घर के सेवादारों के द्वारा वैैक्सीन लगवाने के लिए आने वाले लाभार्थियों के लिए बेहतरीन प्रबंध किए गए है। यहां 11 मई से शुरू हुई इस वैक्सीनेशन सेंटर में रोजाना 200 से 250 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। सिकंदरपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग घर में विशाल शेड के नीचे वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। जहां सोशल डिस्टेंसिंग में 400 के करीब कुर्सियां रखी गई है। वैक्सीन के लिए आने वाले हर लाभार्थी का थर्मल स्कैनर से पहले टेंपरेचर जांचा जाता है। प्लस मीटर से पूरी जांच के बाद ही वैक्सीन लगाई जाती है। मास्क लगाकर रखने, हाथों को सैनिटाइज करने इत्यादि नियमों की पालना होती है। उसके बाद वैक्सीन लगाई जाती है। वैक्सीनेशन के बाद लाभार्थियों के लिए चाय, पानी इत्यादि की सुविधा भी डेरा की तरफ से फ्री करवाई गई है। वैक्सीनेशन इंचार्ज सुनील चुघ ने बताया कि वैक्सीनेशन सेंटर में सभी नियमों की पूरी तरह से पालना की जाती है। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन सेंटर का जिला उपायुक्त प्रदीप कुमार, सिविल सर्जन डा. मनीष बांसल भी निरीक्षण कर चुके हैं तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना कर चुके है। शहर के लोग भी टीकाकरण के लिए यहां पहुंच रहें है और डेरा अनुयायियों की सेवा और उनके प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते नहीं थकते।
पिछले वर्ष भी प्रवासी मजदूरों की सेवा
राधा स्वामी डेरा के अनुयायियों द्वारा बीते वर्ष भी बेमिसाल सेवा की। जब शासन-प्रशासन को प्रवासी मजदूरों के मामले को लेकर कुछ सुझायी नहीं दे रहा था। तब डेरा के अनुयायियों ने हजारों प्रवासी मजदूरों को आश्रय दिया। उनके रहने, खाने-पीने की तमाम व्यवस्था की। डेरा के अनुयायियों ने इन मजदूरों की ऐसी सेवा की, जिसका गुणगान देशभर में हुआ। राधा स्वामी सत्संगघर सिकंदरपुर से जुड़े सेवादार बिना प्रचार और बिना किसी ढिंढोरे के सेवा का कार्य करते जाते है, जोकि एक मिसाल है।
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