जमीन सरकारी, निर्माण प्राइवेट,पार्क की जगह पर रामा क्लब कर रहा निर्माण पर निर्माण

Dabwalinews.com
सिरसा। सिरसा में अंधेरगर्दी का साम्राज्य बना हुआ है। जिसकी लाठी, उसकी भैंस वाली स्थिति है। यही वजह है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा सुनियोजित ढंग से अतिक्रमण किया जाता है और सरकारी महकमे और प्रशासन आंखें मूंद लेता है।सिरसा में करोड़ों रुपये की प्रोपर्टी पर इन दिनों धार्मिक संस्था की आड़ में अतिक्रमण किया जा रहा है। शहर के बीचोंबीच स्थित नेहरू पार्क की बेशकीमती भूमि पर रामा क्लब द्वारा अतिक्रमण करके अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिस जगह पर निर्माण किया जा रहा है, वह नगर परिषद की प्रोपर्टी है। काफी समय से चल रहे निर्माण कार्य पर नगर परिषद के साथ-साथ जिला प्रशासन भी मौन साधे हुए है। दरअसल, बीते दशकों में जिन लोगों के हाथों में सत्ता रहीं, उन्होंने बंदरबांट का कार्य किया। जिसकी वजह से सरकारी प्रोपर्टीज पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण हुआ। नेहरू पार्क भी नगर परिषद की ही मलकीयत में शुमार है। नेहरू पार्क की कुल भूमि 30 कनाल 10 मरला बताई जाती है। नगर परिषद द्वारा जनता भवन रोड की ओर 50 दुकानों का निर्माण किया गया ताकि शहरर में इधर-उधर चर्मकार का कार्य करने वाले गरीबों को स्थायी ठिकाना मिल सकें। परिषद द्वारा चर्मकारों को दुकानें किराए पर देकर उन्हें ठिकाना मुहैया करवाया गया। इन दुकानों से आज भी नगर परिषद किराया वसूलती है। जबकि शेष भूमि पर श्री सेवा समिति द्वारा पार्क का निर्माण करवाए जाने के लिए दी गई। बताया जाता है कि बीते वर्षों में असरदारों ने सुनियोजित ढंग से श्री रामा क्लब को नेहरू पार्क में पहले अस्थायी रूप से जगह दी गई और इसके बाद क्लब की ओर से स्थायी कब्जे हेतू निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। वर्तमान में रामा क्लब द्वारा बड़े स्तर पर निर्माण कार्य किया भी जा रहा है।

पार्क के सौंदर्य को लगा बट््टा

 शहर के बीचोंबीच बना नेहरू पार्क एक समय सिरसावासियों के लिए गर्व का विषय होता था। अनेक राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक व अन्य कार्यक्रमों का नेहरू पार्क गवाह बना। अधिकांश राजनीतिक कार्यक्रम भी नेहरू पार्क में ही होते थे। हरियाली के लिए यह जगह शहर में अपना स्थान रखती थी। लेकिन इस पार्क में हरियाली बढ़ाए जाने, पेड़-पौधे लगाए जाने, फल-फूल लगाए जाने के स्थान पर कंकरीट वाले भवन खड़े कर दिए गए। पार्क की ही जगह पर 50 दुकानें बना दी गई। पार्क की ही जगह पर स्कूल खड़ा कर दिया। पार्क की ही जगह पर चेरिटेबल अस्पताल बना दिया। रही-सही कसर रामा क्लब ने पूरी कर दी। जिस जगह पर हरियाली होनी चाहिए थी, लोगों को सुकून मिलता। प्राणदायी आक्सीजन प्राप्त होती, वहां कंकरीट की बिल्डिंग खड़ी की जा चुकी है।
 क्या है रामा क्लब

श्री रामा क्लब सिरसा की दशकों पुरानी संस्था है, जोकि श्रीरामलीला का मंचन करती थी। रामा क्लब द्वारा हर वर्ष रामलीला का मंचन करने के साथ ही दशहरा पर्व पर जुलूस भी निकाला जाता है और पुतला दहन भी किया जाता है। क्लब द्वारा अन्य चेरीटेबल कार्य भी किए जाते है। समय के साथ इस संस्था के सदस्यों में मनमुटाव हुआ और विष्णु क्लब के नाम से एक अन्य संस्था का गठन हुआ। वर्तमान में विष्णु क्लब द्वारा भी हर वर्ष श्रीरामलीला का मंचन के साथ-साथ दशहरा पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है। बताया जाता है कि रामा क्लब से जुड़े लोगों को सत्तारूढ़ लोगों का वरदहस्त प्राप्त रहा। क्लब द्वारा दशहरा ग्राऊंड के लिए स्थायी भूमि हथियाने का भी भरसक प्रयास किया गया। जबकि सुनियोजित ढंग से नेहरू पार्क की बेशकीमती भूमि अस्थायी एक बार हासिल करने के बाद यहां पर पक्का निर्माण शुरू कर दिया। पहले रामलीला के लिए मंच तैयार किया गया ताकि कलाकारों को दिक्कत न आए। इसके बाद निर्माण का एरिया बढ़ा दिया गया। वर्तमान में भी इस धार्मिक संस्था द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है।

विवादों में श्री सेवा समिति

नेहरू पार्क की 26910 वर्ग गज भूमि श्री सेवा समिति के पास है। नगर परिषद सिरसा द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट भीम सैनी निवासी बेगू रोड को आरटीआई में दी गई जानकारी में बताया कि समिति द्वारा 450 वर्ग गज भूमि पर दुकानें बनाई गई है, जिनसे श्री सेवा समिति ही किराया वसूलती है। श्री सेवा समिति द्वारा ही नेहरू पार्क की 2456 वर्ग गज भूमि आरकेपी स्कूल के संचालन के लिए दी गई है। इसके साथ ही एक चेरीटेबल अस्पताल के लिए भी 35 गज जगह दी गई है। शेष जगह पार्क के लिए रखी गई है। श्री सेवा समिति द्वारा आरकेपी स्कूल के संचालन के लिए दी गई जगह को लेकर भी विवाद बने हुए है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर यह भूमि दी गई। आखिर एक संस्था, जिसे पार्क की देखरेख और संचालन की जिम्मेवारी मिली हों, वह उसे स्कूल अथवा अस्पताल के लिए कैसे दे सकती है?

किराया वसूले सेवा समिति, झूले लगाए नगर परिषद
 नगर परिषद द्वारा जब नेहरू पार्क की देखभाल और संभाल की जिम्मेवारी श्री सेवा समिति को सौंपी गई है। सेवा समिति द्वारा लगभग डेढ़ दर्जन दुकानों से किराया भी वसूला जाता है। इसके बावजूद नेहरू पार्क के सौंदर्यीकरण और झूलों पर खर्चा नगर परिषद द्वारा वहन किया जाता है। नगर परिषद द्वारा हाल ही में लाखों रुपये के उपकरण नेहरू पार्क में स्थापित किए गए है। सवाल यह है कि जब किराए से कमाई श्री सेवा समिति करती है, तब पार्क के सौंदर्य और उपकरण जुटाने में खर्च नगर परिषद क्यों वहन करती है?

अन्य को भी जगह की जाए अलॉट
यदि रामा क्लब के धार्मिक व सामाजिक कार्यों की वजह से उनका नेहरू पार्क में कब्जा वैध माना जा सकता है, उनके द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य को जायज माना जाए तो शहर की दर्जनों सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को भी सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए जाने की छूट प्रदान की जा सकती है? श्री सालासर धाम मंदिर के निकट रोटी बैंक को भी यह जगह अलॉट कर देनी चाहिए? अरोड़वंश चौक के निकट लंगर चलाने वाली संस्था को भी यह स्थान अलॉट कर देना चाहिए? अरोड़वंश चौक के निकट लगाए जाने वाले लंगर-भंडारे से तो कुछ लोगों को तो पीड़ा भी होती है। श्री विष्णु क्लब को भी नेहरू पार्क में ही अथवा शहर में अन्य जगह पर रामलीला के मंचन के लिए जगह अलॉट कर देनी चाहिए?

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