विद्यालय शिक्षा निदेशालय के फीस वसूली के आदेश को चैलेंज

Dabwalinews.com

 विद्यालय शिक्षा निदेशालय अपने तुगलगी फैसले की वजह से निशाने पर है। निदेशालय द्वारा हाल ही में प्रदेश के 136 विद्यालयों की स्थापना की है, जिनमें सीबीएसई बोर्ड के तहत पढ़ाई करवाई जाएगी। इन विद्यालयों में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी भाषा होगा।
इन अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूलों में प्रवेश के लिए बकायदा आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। मगर, निदेशालय द्वारा आदेश संख्या 24/2-2020/एसीडी(14) दिनांक 29 सितंबर 2020 के माध्यम से स्कूली छात्रों से फीस वसूली का प्रावधान किया गया है। जिसके तहत कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों से एडमिशन के रूप में एकमुश्त 500 रुपये, जबकि कक्षा 6 से 12वी तक के 1000 रुपये वसूले जाएंगे। इसके साथ ही कक्षा पहली से तीसरी तक 200 रुपये, 4-5 की 250, 6 से 8वीं की 300 रुपये, 9-10वीं की 400 रुपये तथा 11-12वीं की 500 रुपये मासिक फीस का भी प्रावधान किया गया है। निदेशालय ने वसूली गई फीस को एसएमसी (स्कूल प्रबंधन कमेटी) द्वारा स्कूल पर ही खर्च करने की बात कहीं गई है।

व्हीस्ल ब्लोअर प्रो. करतार सिंह ने विद्यालय शिक्षा निदेशालय के फीस वसूली के आदेशों को आरटीई का सरासर उल्लंघन बताते हुए नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव, शिक्षा मंत्री व अन्य को पत्र लिखकर इन आदेशों को छात्र हितों के विपरित बताया है। कहा गया है कि नोटिफिकेशन के तहत दिए गए आदेश छात्रों व उनके अभिभावकों के लिए मानसिक यंत्रणा के समान है। उन्होंने कक्षा पहलीं से आठवीं तक के छात्रों से फीस वसूली करने के आदेशों को निरस्त करने की मांग की है। 

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