पॉलिथीन की बजाय कपड़े या जूट के बने थैलों का करें प्रयोग : सीजेएम अनुराधा
Dabwalinews.com
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव अनुराधा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेवारी है। पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपित करना बहुत ही आवश्यक है। पर्यावरण प्रदूषण के लिए पॉलिथीन मुख्य कारण है। वे वीरवार को श्री राम न्यू सतलुज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इंटेंसिव सैरेमरी कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रही थी। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी प्रस्तुत की। सीजेएम ने बच्चों को इनाम व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। सीजेएम ने कहा कि पॉलिथीन अगलनशील होने के कारण यह भूमि के जलस्तर में अवरोध पैदा करता है। बारिश के पानी को जमीन में नहीं जाने देता, जिसके कारण भूमि का जल स्तर दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है। इसके अलावा पॉलिथीन को जलाने से निकलने वाला धुंआ वायु प्रदूषण फैलाता है। उन्होंने कहा कि नागरिक बाजार से सामान लाने के लिए पॉलिथीन के थैली बजाय कपड़े या जूट के बने थैले का प्रयोग करें। कपड़े या जूट के बने थैले बहुत मजबूत होते हैं तथा लंबे समय तक उपयोग में लाए जा सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने नशे के दुष्प्रभाव बताते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि सामाजिक तौर पर भी परिवार से अलग कर देता है। नशे में परिवार आर्थिक तौर पर भी पिछड़ जाता है। इस अवसर पर उन्होंने हालसा व नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में स्कूूल की स्कूल स्टाफ सदस्य व स्कूल के छात्र व छात्राएं मोजूद थे।
Source Link - Use cloth or jute bags instead of polythene: CJM Anuradha
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