रानियां थाना में फरियादी से मारपीट का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा आयोग ने पुलिस अधीक्षक को दिए जांच के निर्देश
Dabwalinews.com
रानियां थाना में एक फरियादी के साथ कथित मारपीट का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग के सदस्य जस्टिस केसी पुरी ने मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच करवाने के निर्देश दिए है। उन्हें 6 सप्ताह में इस बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2021 को निश्चित की गई है। उल्लेखनीय है कि रानियां के नानूआना रोड निवासी कुलवंत सिंह पुत्र जीत सिंह ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी। उसने मामले में रानियां थाना के एक पुलिस कर्मी और होमगार्ड जवान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में बताया कि उसका अपने पिता और भाई से विवाद चल रहा है। बीती 27 जून को रानियां थाना में उसे व उसकी पत्नी सीमा को बुलाया गया।
मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में कुलवंत ने आरोप लगाया कि रानियां थाना में उसके पिता और भाई ने उसे गालियां निकालनी शुरू कर दी, जिस पर उसने मौजूद जांच अधिकारी से इसकी शिकायत की। जांच अधिकारी ने होमगार्ड जवान के साथ मिलकर उसे ही पीटना शुरू कर दिया। मारपीट की वजह से उसके बाएं कान का पर्दा भी फट गया, उसमें से खून बहने लगा। जब उसकी पत्नी सीमा ने इसकी शिकायत एसपी सिरसा से करने की बात कहीं तो उसे घसीटकर लॉकअप में बंद कर दिया। उसे चार घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। उसकी पत्नी को भी मारपीट कर भगा दिया। जब गली-मोहल्ले के लोग थाने पहुंचें तो उसे छोड़ दिया।
मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में बताया कि चिकित्सकों ने कान के ईलाज करने की एवज में 25 हजार का खर्च बताया है। उसने आरोपी पुलिस कर्मी व होमगार्ड के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और उसके कान का इलाज करवाने की गुहार लगाई थी।
रानियां थाना में एक फरियादी के साथ कथित मारपीट का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग के सदस्य जस्टिस केसी पुरी ने मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच करवाने के निर्देश दिए है। उन्हें 6 सप्ताह में इस बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2021 को निश्चित की गई है। उल्लेखनीय है कि रानियां के नानूआना रोड निवासी कुलवंत सिंह पुत्र जीत सिंह ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी। उसने मामले में रानियां थाना के एक पुलिस कर्मी और होमगार्ड जवान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में बताया कि उसका अपने पिता और भाई से विवाद चल रहा है। बीती 27 जून को रानियां थाना में उसे व उसकी पत्नी सीमा को बुलाया गया।
मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में कुलवंत ने आरोप लगाया कि रानियां थाना में उसके पिता और भाई ने उसे गालियां निकालनी शुरू कर दी, जिस पर उसने मौजूद जांच अधिकारी से इसकी शिकायत की। जांच अधिकारी ने होमगार्ड जवान के साथ मिलकर उसे ही पीटना शुरू कर दिया। मारपीट की वजह से उसके बाएं कान का पर्दा भी फट गया, उसमें से खून बहने लगा। जब उसकी पत्नी सीमा ने इसकी शिकायत एसपी सिरसा से करने की बात कहीं तो उसे घसीटकर लॉकअप में बंद कर दिया। उसे चार घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। उसकी पत्नी को भी मारपीट कर भगा दिया। जब गली-मोहल्ले के लोग थाने पहुंचें तो उसे छोड़ दिया।
मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में बताया कि चिकित्सकों ने कान के ईलाज करने की एवज में 25 हजार का खर्च बताया है। उसने आरोपी पुलिस कर्मी व होमगार्ड के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और उसके कान का इलाज करवाने की गुहार लगाई थी।
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