पेयजल समस्या से जूझ रही पब्लिक, कागजों में निपटान कर रहा पब्लिक हेल्थ विभाग

Dabwalinews.com
पब्लिक हेल्थ विभाग की कार्यशैली गजब की है। जनसमस्याओं का कागजों में ही निपटान दर्शा दिया जाता है। अधिकांश लोगों द्वारा पानी अथवा सीवर से संबंधित शिकायतें मौखिक दर्ज करवाई जाती है, जिसे अनसुना कर दिया जाता है। जिन लोगों द्वारा लिखित अथवा विभाग के टोलफ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई जाती है, उन शिकायतों का भी विभागीय अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही निपटान दर्शा देते है। समस्याएं जस की तस बनी रहती है और कागजों में अविलंब उसका निपटान दर्शा दिया जाता है। जिसके कारण आमजन की समस्या बढ़ती रहती है और सरकार के खिलाफ लोगों का रोष उपजता रहता है। प्रदेश सरकार की ओर से पेयजल, सीवरेज समस्या से संबंधित टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी नागरिक अपनी समस्या दर्ज करवा सकता है। प्रावधान तो यह किया गया है कि जिस भी एरिया से संबंधित शिकायत होती है, उस एरिया के अधिकारी को वह शिकायत अग्र-प्रेषित कर दी जाती है। शिकायतकत्र्ता को मैसेज भेजकर शिकायत का नंबर दिया जाता है, साथ ही विभाग के जेई का नाम व मोबाइल नंबर भी दिया जाता है। प्रावधान तो यह भी किया गया है कि पंचकूला स्थित कंट्रोल रूम से बकायदा इस आश्य की पुष्टि भी की जाती है कि समस्या का समाधान हुआ या नहीं। मगर, सिरसा में पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी शिकायतों को लेकर कितने गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा फील्ड में जाकर समस्या को समझने और धरातल पर उसे दूर करने की बजाए कागजों में ही उसका निपटान दर्शा दिया जाता है। लोग समस्या से जूझ रहे होते है और मैसेज आता है कि समस्या का समाधान कर दिया गया है। पब्लिक हेल्थ विभाग की कार्यप्रणाली की वजह से सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई टोलफ्री सेवा का मजाक बनकर रह गया है।

No comments:

IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

क्या डबवाली में BJP की इस गलती को नजर अंदाज किया जा सकता है,आखिर प्रशासन ने क्यों नहीं की कार्रवाई