'तीसरी आंख' ने खोल दिया भेद! जेल में बालिंग कर पहुंचाया पैकेट, जेल प्रशासन ने किया बरामद
Dabwalinews.com
सीसीटीवी रूपी तीसरी आंख बड़ी काम की साबित होती है। खासकर अपराध के मामलों में। तीसरी आंख न केवल हकीकत सामने आ देती है, बल्कि सबूत भी रख देती है। जिसकी वजह से अपराधी को गिरफ्त में ले पाना आसान हो जाता है। ऐसा ही मामला जिला जेल में घटित हुआ। जेल उपाधीक्षक रमेश कुमार की ओर से सिविल लाइन थाना में दी गई शिकायत में बताया कि 8 अगस्त को बुर्ज नंबर-2 पर तैनात जेल वार्डर सुखदेव सिंह ने जेल की बाहरी चारदीवारी के पास खेतों की तरफ किसी को दुबक कर जाते हुए देखा। जिस पर वार्डर द्वारा इसकी सूचना दी गई। तत्काल जेल स्टॉफ व सहायक अधीक्षक संदीप कुमार मौके पर पहुंचें तो कोई नजर नहीं आया। जेल में कोई वस्तु फैंके जाने की आशंका पर जेल के खुले स्थानों, सुरक्षा वार्ड नंबर 12, बैरक नंबर-13, 14 व 15 के आसपास व छतों की तलाशी ली। लेकिन कुछ भी नहीं मिला। जेल प्रशासन ने खेत में काम करने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ की। मगर कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद जेल प्रशासन ने सीसीटीवी की फुटेज खंगालने का काम किया। जब फुटेज को बारिकी से जांचा गया तो पाया कि बैरक नंबर-12 में कोई चीज आकर गिरी है। जिसे हवालाती सौरभ उर्फ चम्मा पुत्र रामनिवास निवासी टोहाना उठाकर ले गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने सौरभ से इस बारे पूछताछ की लेकिन उसने इससे अनभिज्ञता प्रकट की। तलाशी लेने पर भी कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद 9 अगस्त को फिर से बैरक नंबर-12 व 13 की तलाशी ली लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इसके बाद सायं फिर से सुरक्षा वार्ड की तलाशी ली। जब सौरभ से सख्ती से पूछा गया तो उसने बताया कि टोहाना निवासी विक्रम से उसने बॉलिंग करवाई थी। जिसके बाद उसने छिपाकर रखा हुआ पैकेट सुपुर्द कर दिया। जिसमें मोबाइल डाटा केबल, मोबाइल के जले हुए अवशेष, ब्लूटूथ स्पीकर, छोटे फोन की बैटरी, 106 ग्राम गांजानुमा पदार्थ, 40 नशीली गोलियां बरामद हुई।
जेल उपाधीक्षक रमेश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि जब सीसीटीवी की फुटेज को फिर से खंगाला गया तो एक अन्य बंदी प्रदीप पुत्र मांगेराम भी सौरभ के पीछे-पीछे बैरक में जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद एक अन्य बंदी मंगत पुत्र जगदीश भी पीछे-पीछे बैरक में जाता हुआ दिखाई दिया। इसके अलावा एक अन्य बंदी उस दौरान सुरक्षा वार्ड में घूम रहा था। जेल उपाधीक्षक ने बरामद सामान पुलिस के हवाले करते हुए मामले में संलिप्त के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। सिविल लाइन सिरसा पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर सौरभ पुत्र रामनिवास व विक्रम के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम तथा कारागार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
सीसीटीवी रूपी तीसरी आंख बड़ी काम की साबित होती है। खासकर अपराध के मामलों में। तीसरी आंख न केवल हकीकत सामने आ देती है, बल्कि सबूत भी रख देती है। जिसकी वजह से अपराधी को गिरफ्त में ले पाना आसान हो जाता है। ऐसा ही मामला जिला जेल में घटित हुआ। जेल उपाधीक्षक रमेश कुमार की ओर से सिविल लाइन थाना में दी गई शिकायत में बताया कि 8 अगस्त को बुर्ज नंबर-2 पर तैनात जेल वार्डर सुखदेव सिंह ने जेल की बाहरी चारदीवारी के पास खेतों की तरफ किसी को दुबक कर जाते हुए देखा। जिस पर वार्डर द्वारा इसकी सूचना दी गई। तत्काल जेल स्टॉफ व सहायक अधीक्षक संदीप कुमार मौके पर पहुंचें तो कोई नजर नहीं आया। जेल में कोई वस्तु फैंके जाने की आशंका पर जेल के खुले स्थानों, सुरक्षा वार्ड नंबर 12, बैरक नंबर-13, 14 व 15 के आसपास व छतों की तलाशी ली। लेकिन कुछ भी नहीं मिला। जेल प्रशासन ने खेत में काम करने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ की। मगर कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद जेल प्रशासन ने सीसीटीवी की फुटेज खंगालने का काम किया। जब फुटेज को बारिकी से जांचा गया तो पाया कि बैरक नंबर-12 में कोई चीज आकर गिरी है। जिसे हवालाती सौरभ उर्फ चम्मा पुत्र रामनिवास निवासी टोहाना उठाकर ले गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने सौरभ से इस बारे पूछताछ की लेकिन उसने इससे अनभिज्ञता प्रकट की। तलाशी लेने पर भी कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद 9 अगस्त को फिर से बैरक नंबर-12 व 13 की तलाशी ली लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इसके बाद सायं फिर से सुरक्षा वार्ड की तलाशी ली। जब सौरभ से सख्ती से पूछा गया तो उसने बताया कि टोहाना निवासी विक्रम से उसने बॉलिंग करवाई थी। जिसके बाद उसने छिपाकर रखा हुआ पैकेट सुपुर्द कर दिया। जिसमें मोबाइल डाटा केबल, मोबाइल के जले हुए अवशेष, ब्लूटूथ स्पीकर, छोटे फोन की बैटरी, 106 ग्राम गांजानुमा पदार्थ, 40 नशीली गोलियां बरामद हुई।
जेल उपाधीक्षक रमेश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि जब सीसीटीवी की फुटेज को फिर से खंगाला गया तो एक अन्य बंदी प्रदीप पुत्र मांगेराम भी सौरभ के पीछे-पीछे बैरक में जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद एक अन्य बंदी मंगत पुत्र जगदीश भी पीछे-पीछे बैरक में जाता हुआ दिखाई दिया। इसके अलावा एक अन्य बंदी उस दौरान सुरक्षा वार्ड में घूम रहा था। जेल उपाधीक्षक ने बरामद सामान पुलिस के हवाले करते हुए मामले में संलिप्त के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। सिविल लाइन सिरसा पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर सौरभ पुत्र रामनिवास व विक्रम के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम तथा कारागार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
The 'third eye' has opened the secret! The packet was delivered by baling in the jail, the jail administration recovered
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