सरकार द्वारा धान की खरीद में देरी करने से 1960 एमएसपी वाला धान किसान मजबूरी में 1650 रुपए में बेच रहा है - बजरंग गर्ग

Dabwalinews.com
चंडीगढ़ - हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव बजरंग गर्ग ने प्रदेश के राइस मिलर, आढ़ती व किसानों से बातचीत करने के उपरांत कहा कि मंडियों में किसान की धान लगभग 25 लाख क्विंटल पड़ा है और सरकारी खरीद एजेंसी धान खरीद में जानबूझकर देरी कर रही है जिस लिए किसानों को अपना धान मजबूरी में 1650 रुपए में बेचना पड़ रहा है जब तक सरकारी धान राइस मिलों में नहीं लगेगी तब तक सरकारी एजेंसियों द्वारा धान खरीदा गया, धान कहा लगाएगी यह बड़ा चिंता का विषय है।
प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा की सरकार के नए फरमान के तहत राइस मिलरों को धान अलाट के बदले में 5 प्रतिशत बैंक गारंटी देनी होगी जो फरमान उचित नहीं है। प्रदेश की 1350 राइस मिलर सरकार को अपना धान लगाने के लिए सिर्फ जगहा देता है उस धान का रखरखाव व चौकीदार, सुपरवाइजर सरकारी खरीद एजेंसियों का होता है, ऐसे में सरकारी धान के बदले राइस मिलरो से बैंक गारंटी मांगना उचित नहीं है। सरकार को अपने धान के बदले में राइस मिलरों से बैंक गारंटी नहीं मांगनी चाहिए। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार 100 किलो धान के बदले में 67 किलो चावल देना निकालता देना पड़ता है जबकि 100 किलो धान में 67 किलो चावल निकलता ही नहीं है, सरकार को इस नियम में बदलाव करके राइस मिलरों से ज्यादा से ज्यादा 64 किलो चावल लेने का नियम बनाना चाहिए ताकि राइस मिलर सरकारी धान को अपनी-अपनी राइस मिलों में लगा सके। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने केंद्र सरकार से अपील की है कि धान की नमी में 19 प्रतिशत की छूट दी जाए क्योंकि धान की पैदावार बहुत ज्यादा पानी में होती है इसलिए धान में नमी ज्यादा आती है। सरकार की तरफ से धान की नमी में 16 व 17 प्रतिशत की छूट होने से किसान को अपनी धान बेचने के लिए बार-बार मंडियों में धक्के खाने पड़ रहे हैं जबकि हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से भी नमी में 19 प्रतिशत तक छूट देने की मांग की है।
Source Link - By delaying the purchase of paddy by the government, the 1960 MSP is selling for Rs 1650 in compulsion - Bajrang Garg

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