आर्य समाज व महर्षि दयानंद सरस्वती जी के सच्चे सिपाही थे सत्यपाल पथिक : एसके आर्य
भजनोपदेशक व हजारों भजनों के रचियता दिवंगत सत्यपाल पथिक की पहली पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
Dabwalinews.com डबवाली।रविवार को आर्य समाज की ओर से हवन यज्ञ का आयोजन प्रचार प्रमुख विजय कुमार शास्त्री के सानिध्य में यज्ञशाला में किया गया। जिसमें आर्य समाज के अध्यक्ष एसके आर्य ने मुख्य यजमान के तौर पर आहुतियां डाली। इस मौके आर्य समाज के प्रकांड विद्वान, भजनोपदेशक व हजारों भजनों के रचियता दिवंगत सत्यपाल जी पथिक की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए अध्यक्ष एसके आर्य ने कहा कि सत्यपाल जी पथिक आर्य समाज व महर्षि दयानंद सरस्वती जी के सच्चे सिपाही थे।: उनके द्वारा रचित व संगीतबद्ध किए गए हजारों प्रेरणादायक भजन व गीत हमें आजीवन प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा रचित गीत हमें आर्य समाज, महर्षि दयानंद सरस्वती जी, देश में घटित ऐतिहासिक घटनाओं व हमारे महापुरूषों के जीवन चरित्रों से अवगत करवाते हैं और हमें देश व समाज के लिए कुछ कर गुजरने को प्रेरित करते हैं। तदोपरांत उपाध्यक्ष डॉ. रामफल आर्य ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा रचित भजन 'भगवान् आर्यों को ऐसी लगन लगा दे, वैदिक धर्म की खातिर जीना इन्हें सिखा दे... तथा वैदिक प्रार्थना 'पूजनीय प्रभु हमारे भाव उज्ज्वल कीजिए, छोड़ देवें छल-कपट को मानसिक बल दीजिए... प्रस्तुत की। इस मौके कोषाध्यक्ष व सम्पत्ति अधिकारी भारत मित्र छाबड़ा, वरिष्ठ सदस्य कुलदीप सिंह पटवारी, जगरूप सिंह आर्य आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय प्रार्थना, जयघोष के साथ शांतिपाठ के पश्चात् प्रसाद वितरित किया गया।
Source Link - Satyapal Pathik was the true soldier of Arya Samaj and Maharishi Dayanand Saraswati : SK Arya
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