फर्टिलाइजर आदि की कमी सरकार की अदूरदर्शिता का परिणाम : अमित सिहाग
विधायक अमित सिहाग ने डीएपी, यूरिया, सरसों के बीज की कमी को लेकर सरकार को घेरा
Dabwalinews.com
हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने सुपर सिंगल फास्फेट (फर्टिलाइजर) को सिरसा ज़िला से दक्षिण हरियाणा में किल्लत का बहाना बनाकर वहां भेजने का कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार को घेरा है इसके साथ ही उन्होंने खाद,यूरिया की कमी, सरसों के बीज आदि की कमी को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। सिहाग ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सरकार एक तरफ सब का साथ सब का विकास का नारा देती है वहीं दूसरी ओर भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि सरसों की बिजांत के लिए जरुरी सुपर सिंगल फास्फेट (फर्टिलाइजर) जिसकी कमी पहले से ही सिरसा जिले में है, वहीं मुख्यमंत्री हरियाणा द्वारा दक्षिण हरियाणा में इसकी कमी बताते हुए सिरसा जिले से वहां हजारों मीट्रिक टन भेजने का निर्णय लिया है जो कि सीधा जिला सिरसा के किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वो दक्षिण हरियाणा में भी एसएसपी(फर्टिलाइजर) की पूर्ति अपने स्तर कंपनियों से समन्वय बना कर करे न की सिरसा के किसानों से छीन कर दे। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री हरियाणा को तुंरत अपने आदेश वापिस लेने चाहिए। सिहाग ने कहा कि गेहूं की बिजांत भी शूरु होने वाली है ऐसे में डीएपी,यूरिया सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि डीएपी,यूरिया बिक्री केन्द्र पर किसान सुबह से लाइनों में खड़े होते हैं और देर शाम तक खड़े रहने के बाद भी उन्हें डीएपी, यूरिया उपलब्ध नहीं हो पाती। सिहाग ने कहा कि एक तरफ गुलाबी सुंडी और बेमोसमी बरसात के चलते किसानों की पहली फसल बर्बाद हो चुकी है वहीं अब उन्हें अगली फसल की बिजांत के लिए जरुरी फर्टिलाइजर नहीं मिलने के कारण उन पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ये कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में फर्टिलाइजर की कीमत बढ़ने के चलते इसकी किल्लत है लेकिन सरकार को चाहिए था कि जो सब्सिडी दो तीन दिन पहले प्रधानमंत्री ने घोषित की है वो दूरदर्शी सोच अपनाते हुए काफी पहले घोषित करनी चाहिए थी ताकि कंपनियां जरूरत अनुसार पहले ही फर्टिलाइजर खरीद लेती और आज उसकी किल्लत न आती। सिहाग ने सरकार से मांग की है कि तुंरत डीएपी बिक्री केंद्रों पर जरूरत अनुसार डीएपी, यूरिया भेजी जाए ताकि किसानों को बिजांत में किसी प्रकार की परेशानी न हो और वो अपनी फसल बो सकें।
विधायक ने कहा कि सरकार ने कहा था कि बाजरे की फ़सल को सरकार 1600 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेगी और उस में 650 रुपए भावांतर कर 2250 रुपए का भाव किसानों को दिया जाएगा लेकिन आज के दिन 1600 की बजाय बाजरा बाजार में 900 रुपए के हिसाब से प्रति क्विंटल बिक रहा है ऐसे में सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी बात को पूरा करते हुए बाजरे का पूरा भाव किसानों को दिलाने का काम करे।अमित सिहाग ने कहा कि सरसों के बीजों का आवंटन भी सही ढंग से नहीं हो रहा है और न ही प्रयाप्त मात्रा में मिल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो बीज ओढ़ा में मिलने चाहिए वो कालावाली में मिल रहे हैं ऐसे में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिहाग ने यूरिया की कमी पर सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकार को अभी से जरूरत अनुसार यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कर लेनी चाहिए नहीं तो कहीं फिर से यूरिया पुलिस थानों के माध्यम से न बांटनी पड़े।
विधायक ने सरकार से मांग की है की उनकी उपरोक्त मांगो का तुंरत संज्ञान लेकर सरकार को सभी कार्य जल्द पूरे करने चाहिए ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।
Source Link - The lack of fertilizers etc. is the result of the short-sightedness of the government: Amit Sihag
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