पक्का मोर्चा दिल्ली से घर वापिस लौटे किसानों का गांव मट्टदादु में हुआ भव्य स्वागत

Dabwalinews,com
डबवाली।सयुंक्त किसान मोर्चे द्वारा किसान आन्दोल की समाप्ति के बाद आंदोलन में भाग लेने के लिए गांव मट्टदादु के किसानों ने शनिवार को पक्का मोर्चा aटिकरी बॉर्डर से घर वापसी की।सभी किसान अपने ट्रेक्टर ट्राली व किसान सफारी पर सवार होकर तकरीबन दोपहर 3 बजे चोरमार साहब पहुंचे जहां पर गाँव मट्टदादु व चोरमार वासियों ने उनका भव्य स्वागत किया और किसानों को फूल मालाएं पहनाकर व रंग गुलाल लगाकर डीजे की धुन पर नाच गाकर एक बड़े काफिले के साथ गांव चोरमार से जंडवाला, मलिकपुरा, गोरीवाला, झूटीखेड़ा से मट्टदादु लाया गया। गांव मट्टदादु पहुंचने पर पूर्व ब्लॉक समिति मेंबर रणदीप सिंह मट्टदादु ने अपने गांव वासियों के साथ किसानों के काफिले का अपने निवास पर सपरिवार किसानों का जबरदस्त अभिनन्दन किया। उनके निवास पर किसानों को फूल मालाएं पहनाकर व परिवार की महिलाओं ने किसानों पर पुष्प वर्षा करके उनका स्वागत किया व सभी को लड्डू खिलाकर उनका मुंह मीठा करवा उन्हें बधाई दी।
इस मौके पर रणदीप सिंह मट्टदादु ने कहा की किसान अन्न दाता है और हमारा किसान हमारे देश की शान है। कानून वापिस लेने के फैसले से आम जन में खुशी का माहौल है। उन्होंने आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को शत शत नमन करते हुए कहा कि हमारे गांव के किसान जगसीर सिंह धालीवाल भी शहीद हुए है उन्हें भी हम अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते है और उनकी शहादत को नमन करते है। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरतेज सिंह संधू व गुरमैल सिंह ढिल्लों ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान आंदोलन में गांव मट्टदादु ने अहम भूमिका निभाई है। पूरे गांव ने राजनीति से ऊपर उठकर किसानों का साथ दिया है। इस कठिन सफर में उनके गांव के हिस्से शहादत भी आई। उन्होंने कहा कि किसानों की शहादत रंग लाई व कानून वापिस हुए। उन्होंने पूरे गांव व इलाके को आंदोलन में साथ देने के लिए बहुत बहुत आभार भी व्यक्त किया।
Source Link - Pucca Morcha: The farmers who returned home from Delhi were given a grand welcome in the village of Mattadadu.

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