हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का मास डेपुटेशन 30 जनवरी 2022 को शिक्षा मंत्री के निवास स्थान पर जाएगा
Dabwalinews.com
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ जिला सिरसा कार्यकारिणी की एक आनलाईन मीटिंग जिला प्रधान गुरमीत सिंह की अध्यक्षता में हुई जिसका संचालन जिला सचिव बूटा सिंह ने किया ।इस बैठक में राज्य उपप्रधान सुनील यादव, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान चिरंजी लाल तथा सभी ब्लाकों के ब्लाक प्रधान व सचिव ने हिस्सा लिया । जिला प्रैस सचिव कृष्ण कायत ने मीटिंग एजेंडा की जानकारी देते हुए बताया कि सभी जिलों से हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा का एक मास डेपूटेशन 30 जनवरी 2022 को शिक्षा मंत्री के निवास स्थान जगाधरी जाएगा । इस मास डेपूटेशन का उद्देश्य अध्यापकों के मांग पत्र पर बातचीत करने जैसे एनपीएस को ओ पी एस में बदलने, ब्लॉक ईयर 2016- 19 की एलटीसी दिलवाने, अतिथि अध्यापकों की नियमितीकरण और समान काम समान वेतन, न्यू एजुकेशन पॉलिसी को रद्द करवाने, प्राथमिक शिक्षकों के तबादला ड्राइव का मजाक बनाने के विरोध में, एसीपी नियमों को बदलवाने, कक्षा 1 व 2 को प्रथम फाउंडेशन को देने के विरोध व मुख्य मांग पत्र में शामिल अध्यापकों की अन्य मांगों का समाधान करवाने के लिए दबाव बनाना है । इस मास डेपूटेशन में सिरसा जिला के प्रत्येक ब्लॉक से कम से कम 10 अध्यापक साथी जाएंगे । इस कार्य के लिए ब्लाक कमेटी के साथियों की ड्यूटियां लगाई गई । जिला कोषाध्यक्ष विनोद कासनियां व उपप्रधान वीर सिंह ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार स्कूल कॉलेजों को बंद करके कम पढ़े-लिखे बच्चों की फौज तैयार करना चाहती है। ताकि भविष्य में कोई सवाल ना कर सके और कोई रोजगार ना मांगे। आज अमेरिका जैसे विकसित देशों में जहां हर रोज लाखों करोना पॉजिटिव केस आ रहे हैं। उसके बावजूद स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन करोना वेरिएंट की कम घातकता को देखते हुए पूरे प्रदेश में सभी स्कूल व शैक्षणिक संस्थान खोल दिए जाने चाहिए। क्योंकि जब बाजार में भीड़ ज्यों की त्यों है। चुनाव में भीड़ इकट्ठा हो रही हैं। धरने- प्रदर्शन जारी हैं तो बच्चों को स्कूलों में जाने से क्यों रोका जा रहा है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि स्कूल व अन्य शैक्षणिक संस्थान जल्द से जल्द खोल दिए जाएं। वरना अध्यापक संघ लोगों को साथ लेकर स्कूलों में कक्षाएं लगाने पर मजबूर होगा।
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