इंस्पेक्टर मंजु सिंह के समक्ष नहीं गली झूठी फरियादी की दाल! पुलिस का सहारा लेकर दुष्कर्म के केस में फांसना चाहती थी महिलाएं

इंस्पेक्टर की पारखी नजरों से बच नहीं पाई ब्लैकमेल गिरोह की सरगनाएं
इन दिनों ब्लैकमेल करने वाला महिला गिरोह सक्रिय है, जोकि पहले तो किसी न किसी बहाने से लोगों से संपर्क साधता है।लंबी बातचीत करता है और फिर एकांत में मिलने के लिए कहता है। शारीरिक संबंध स्थापित करने के लिए उकसाता है और फिर पुलिस में दुष्कर्म का केस दर्ज करवाने की धमकी देकर ब्लैकमेल पर उतर आता है। पिछले चार दिनों में ब्लैकमेल के ऐसे दो मामलों का पर्दाफाश हो चुका है। जिसमें पीडि़त बनकर शिकायत करने वाली महिलाओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों का खुलासा महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मंजू सिंह के प्रयासों से किया जा सका।
पुलिस अधीक्षक डा. अर्पित जैन ने महिला थाना सिरसा की कमान सूझवान महिला इंस्पेक्टर मंजु सिंह को सौंप रखी है। वे 'आपरेशन क्लीनÓ में लोगों को जागरूक करने में बड़ा सहयोग करने के लिए पहचान में आई। लोगों से सीधा संवाद कायम करने और लोगों की समस्या का निदान करने में रूचि दिखाने वाली इंस्पेक्टर शिकायतों की पारखी भी है। वे यह बेहतर जानती है कि कानून का दुरुपयोग करके कुछेक लोग दूसरों को परेशान करते है। अपराधिक प्रवृत्ति की महिलाओं द्वारा स्वयं को पीडि़त दर्शाकर झूठे मामले दर्ज करवाने की कोशिश की जाती है। महिला थाना का चूंकि गठन ही महिलाओं को त्वरित न्याय दिलवाने के लिए किया गया है, ऐेसे में सच और झूठ को पकड़ पाना बेहद कठिन भी होता है। लेकिन कुशल व अनुभवी पुलिस अधिकारी से कुछ भी छिपा पाना आसान नहीं होता।
ताजा प्रकरण में हुडा सेक्टर-19 फ्लेट्स में रहने वाली एक महिला ने गांव दड़बी निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शिकायत महिला थाना पहुंची। महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मंजु सिंह को शिकायत का मजमून भांपकर ही इसमें गड़बड़ की आशंका हुई। उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए पहले आरोपी पक्ष को बुलाया और पड़ताल की तो जांच में सच्चाई कुछ ओर ही निकली। उधर, शिकायतकत्र्ता महिला ने पुलिस का डर दिखाकर युवक से 10 लाख रुपये की डिमांड कर डाली। महिला थाना प्रभारी ने पूरे घटनाक्रम से पुलिस अधीक्षक को वाकिफ करवाया। जिस पर सिविल लाइन सिरसा पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए। सिविल लाइन थाना प्रभारी रामनिवास ने मामले में टीम गठित कर दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने वाली महिला को रंगे हाथों काबू कर लिया।

महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मंजु सिंह की सूझबूझ की वजह से शातिर महिला अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाई। इससे पहले एक अन्य मामला भी महिला थाना प्रभारी के प्रयासों से सुलझ पाया। किराए का मकान दिखाने के बहाने दुष्कर्म की शिकायत करने वाली महिला गिरोह का भी खुलासा किया गया था। महिला शिकायकत्र्ता की शिकायत की शिकायत की पड़ताल करते हुए जब किराए के लिए दिखाए गए मकानों की जानकारी मांगनी शुरू की तो शिकायतकत्र्ता महिला वह मकान नहीं दिखा पाई, जिन्हें दिखाने के बहाने दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। इसके साथ ही महिला पुलिस ने जब आरोपी की लोकेशन की पड़ताल की तो वह शहर से बाहर मिला। महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह की सूझबूझ की वजह से ब्लैकमेल गिरोह अपने मंसूबों पर कामयाब नहीं हो पाया। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार की टीम ने त्वरित कार्रवाई कर ब्लैकमेल गिरोह की दो महिलाओं व एक पुरुष को रंगे हाथों दबोच लिया।

'मिस काल से फांस रही गैंग की महिलाएं

ब्लैकमेल करने वाली गिरोह की महिलाओं द्वारा किसी के भी नंबर पर मिस कॉल की जाती है। उत्सुकतावश व्यक्ति उस नंबर पर डॉयल करता है। तब अपनी मीठी-मीठी बातों में वह व्यक्ति को फांस लेती है। लंबी-लंबी बातों का सिलसिला मिलने-जुलने तक पहुंचता है और फिर वे शिकार को अपने ठिकाने पर बुलाती है। यहां पर उसका गुपचुप वीडियो बनाया जाता है और फिर ब्लैकमेल का सिलसिला शुरू होता है। एक बार इनकी चंगुल में आना वाला व्यक्ति अपना सबकुछ लूटा बैठता है।

वीडियो कॉल से फांसने का चला धंधा

आजकल युवाओं को वीडियो कॉल के माध्यम से फांसने वाला गिरोह भी सक्रिय है। इस गिरोह की महिलाएं अधिकांश युवाओं को फांसती है। इनमें भी धनाढ्य वर्ग के लोगों को शिकार बनाया जाता है। गिरोह की महिलाओं द्वारा अर्धनग्र होकर अथवा नग्र होकर वीडियो काल की जाती है और सामने वाले युवा को भी इसके लिए उकसाया जाता है। इस दौरान स्क्रीन सेवर के माध्यम से तमाम वीडियो रिकार्ड कर ली जाती है। फिर गिरोह की महिलाएं रिकार्ड की गई वीडियो को सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार, मित्रों व रिश्तेदारों के बीच शेयर करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है। सिरसा में ऐसे कई मामले सामने भी आ चुके है। लोकलाज के चलते गिरोह के चंगुल में फंसे लोग अपनी जमा पूंजी गंवा बैठते है।

पुलिस का मिलता है साथ  

पुलिस अधीक्षक डा. अर्पित जैन के कुशल नेतृत्व में ब्लैकमेल गिरोह सिरसा में पनप नहीं पाया। जब-जब भी पीडि़त की ओर से पुलिस से गुहार लगाई गई, पुलिस ने गहन पड़ताल कर ब्लैकमेल गिरोह को धर दबोचा। मंडी के कारोबारी एवं समाजसेवी द्वारा एक यू-ट्यूबर पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने उस महिला को रंगे हाथों दबोच लिया गया। ठगों अथवा ब्लैकमेलर गिरोह के चंगुल में आने वालों को बिना किसी संकोच के लिए पुलिस सहायता लेनी चाहिए।

 
Inspector Manju Singh,solved the false complainant! Women wanted to be implicated in rape case by taking the help of police

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