गांव रतनपुरा में दलित नौजवान की मौत मामले में ग्रामीणों ने शहर में पैदल मार्च करते हुए किया उपखंड कार्यालय का घेराव
मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया 10 दिन का समय, 27 अक्टूबर को डालेंगे अनिश्चितकालीन पडा़व
संगरिया उपखंड क्षेत्र के गांव रतनपुरा में महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी उच्च माध्यमिक विद्यालय में गत 25 सितंबर को चौटाला के दलित नौजवान की दुखद मृत्यु हुई थी। आज सैकड़ों ग्रामीणों ने नौजवान की मौत की न्यायिक जांच और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।आज चौटाला, रतनपुरा, नगराणा, टिब्बी, नाथवाणा, ढांबा के सैकड़ों ग्रामीण सुबह 10:00 बजे संगरिया मस्जिद के पास जुटने शुरू हो गए थे उसके बाद ग्रामीणों ने करीब 11:00 बजे मुख्य बाजार में पैदल मार्च करते हुए उपखंड अधिकारी का घेराव किया। अखिल भारतीय किसान सभा सिरसा के नेता राकेश फगोडि़या, जनवादी नौजवान सभा के प्रदेश महामंत्री जगजीत जग्गी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर के रुप में कार्य कर रहे दलित नौजवान की मुख्य विद्युत लाइन में कुंडी लगाते समय दुखद मृत्यु हुई है। स्कूल के प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन ने अपनी घोर लापरवाही छिपाने के दुराश्य के साथ तथा संगरिया पुलिस ने मामले पर लीपापोती करने के उद्देश्य से मर्ग दर्ज कर संगरिया चिकित्सालय में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों से कुछ खाली कागजातों पर हस्ताक्षर करवा कर उन्हें सौंप दिया। परिवार को जांच का झूठा आश्वासन दिया जाता रहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मृतक का परिवार 14 अक्टूबर को वृता अधिकारी डीएसपी कार्यालय संगरिया प्रतीक मील से मिला और उन्हें मृतक विनोद मेघवाल की मृत्यु के कारणों की गहराई में जाकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दाखिल कर गहन जांच पड़ताल करने तथा प्रधानाचार्य की घोर लापरवाही को उजागर करने और सरकार से मृतक के परिवार में से किसी एक मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दिलवाने तथा ₹5000000 मुआवजा के तौर पर परिवार को दिलवाने की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय मिलना तो दूर आज तक कोई विधिसंम्पत कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए आज हमने उपखंड अधिकारी का घेराव किया है। उन्होंने कहा कि किसान सभा और जनवादी नौजवान सभा की पुरजोर मांग है की सबसे पहले प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवा कर स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर कर दोषी को उचित सजा दिलाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। उन्होंने कहा कि वृद्ध माता पिता और पत्नी सहित दो बच्चे उसी नौजवान पर आश्रित थे इसलिए एक सरकारी नौकरी और ₹5000000 की आर्थिक सहायता राज्य सरकार करें और अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाली 27 अक्टूबर को उपखंड कार्यालय में ही अनिश्चितकालीन पड़ाव लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन नौजवान की मौत को लेकर आज भी गंभीर नहीं है क्योंकि करीब 2 घंटे लगातार नारेबाजी करने के बाद उपखंड अधिकारी उनके बीच पहुंचे और सिर्फ इतना कहा कि राज्य सरकार को ज्ञापन पहुंचा दिया जाएगा इससे स्पष्ट हो गया कि विनोद के हत्यारों के साथ प्रशासन की सांठगांठ है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज के प्रदर्शन में माकपा तहसील कमेटी संगरिया सचिव शिवभगवान बिश्नोई, जगदीश मेघवाल, दीपचंद मेघवाल, रोविन रतनपुरा, बबलू विश्नोई, सुभाष बारूपाल, हनुमान चौटाला, विक्रम बिश्नोई, सुरजीत जाखड़, सुधीर चाहर सहित सैकड़ों किसान नौजवान उपस्थित रहे।
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