कोविड-19 की फर्जी रिपोर्ट का मामला शहर में बना चर्चा का विषय : शिव भगवान के खिलाफ जारी किया निंदा प्रस्ताव
Dabwalinews.com
डबवाली।कोविड-19 की फर्जी रिपोर्ट का मामला आज-कल शहर व आसपास के इलाके में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में आमजन व हर वर्ग शिव भगवान के द्वारा दी गई फर्जी रिपोर्ट की निंदा कर रहा है एवं कोरोना काल में हुए इस फर्जीवाड़े के कारण अपने को आहत महसूस कर रहा है।शिव पैथोलोजी लैब के संचालक शिव भगवान एवं डॉ. गुरप्रीत कौर सेठी द्वारा कोविड-19 की दूसरी लहर में जब मानवता कराह रही थी व पूरा विश्व इस महामारी के बचाव हेतु अपनी तरफ से हरसंभव कोशिश व सहायता करके दूसरों की जान बचाने में लगा हुआ था, उसी दौरान शिव भगवान ने पैसों के लालच में स्थानीय समाजसेवी दीपक गर्ग के परिवार के एक सदस्य की कोविड जांच की फर्जी रिपोर्ट दे दी। जिसके चलते गर्ग परिवार निश्ंिचत हो गया और फर्जी रिपोर्ट के फलस्वरूप गर्ग परिवार के सभी सदस्य कोविड की चपेट में आ गए। जिनका स्थानीय व आसपास के अस्पतालों में ईलाज चलता रहा। गर्ग परिवार के सदस्यों का उपचार चल ही रहा था कि इस दौरान परिवार के मुखिया ला. रोशन लाल गर्ग का निधन हो गया। अभी गर्ग परिवार संभला भी नहीं था कि कोविड की फर्जी रिपोर्ट का खामियाजा इन्हें अपनी माता सावित्री देवी गर्ग को खौकर चुकाना पड़ा। बता दें कि पिताजी का श्रद्धांजलि समारोह संपन्न करवा परिवार के सदस्य अभी अपने घर भी नहीं पहुंचे थे कि उनकी माताजी भी चल बसी। अपने अभिभावकों को खौकर गर्ग परिवार कोविड के साथ-साथ कोविड कालखंड के दौरान फैली अफरा-तफरी को तो कोस ही रहा था कि जब उन्हें पता चला कि उनके पारिवारिक सदस्य की कोविड-19 की रिपोर्ट शिव भगवान ने फर्जी दी थी तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। गर्ग परिवार ने उसी समय फर्जी रिपोर्ट देने वाले शिव भगवान के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने का मन बना लिया। दीपक गर्ग के मुताबिक उन्होंने अपनी माताजी के श्रद्धांजलि समारोह के बाद धीरे-धीरे शिव भगवान के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी। जो अब तक चल रही है। हांलाकि इतनी लंबी कार्रवाई के दौरान शिव पैथोलोजी लैब के संचालक शिव भगवान हरियाणा, पंजाब स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा दोषी करार दिया जा चुका है। अब आरोपी शिव भगवान ने पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अपनी अग्रिम जमानता याचिका हाई कोर्ट में लगा रखी है। इससे पूर्व श्री मुक्तसर साहब में एडीशनल सैशन जज द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है। जिक्रयोग है कि अब अग्रिम जमानत की सुनवाई हाई कोर्ट में लंबित है और आगे क्या होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है। जबकि शहर की छोटी सरकार कही जाने वाली नगर परिषद के चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा, वाईस चेयरमैन अमन बांसल सहित शहर की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, शहर के गणमान्य व्यक्तियों सहित वार्ड पार्षदों ने जहां शिव भगवान द्वारा सौंपी गई फर्जी रिपोर्ट की कड़ी निंदा की है, वहीं स्वास्थ्य संबंधित संस्थाओं लैब ऐसोसिएशन, केमिस्ट ऐसोसिएशन, आरएमपी, होम्योपेथी व बीएएमएस चिकित्सकों की संस्थाओं ने भी निंदा प्रस्ताव पारित कर मानवता की भलाई के लिए मेडिकल फर्जीवाड़े के खिलाफ दीपक गर्ग द्वारा छेड़ी गई मुहिम को आगे बढ़ाने तथा लैब संचालकों को दुरूस्त रिपोर्ट दिए जाने का आह्वान किया है। बता दें कि गर्ग परिवार ही नहीं बल्कि नैब सिंह नामक व्यक्ति भी फर्जी रिपोर्ट के चलते अपनी जान गंवा चुका है। उक्त मामलों का संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन श्री मुक्तसर साहिब ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक को लैब का लाईसैंस रद्द कर विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा की है
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