‘एक शाम लता दीदी व मोहम्मद रफी के नाम‘ एक भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन

डबवाली। सुरो के बादशाह मोहम्मद रफी के स्मृति में मोहम्मद रफी यादगार मंच के बैनर तले ‘एक शाम लता दीदी व मोहम्मद रफी के नाम‘ एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन रिगल पैलेस में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बतैार मुख्यातिथि शहर के समाजसेवी राकेश शर्मा, राजकीय कष्ट निवारण समीति, सिरसा के सदस्य सतीश जग्गा, दंत रोग विशेषज्ञ डा. मनमीत गुलाटी, भारतीय जनता पाटी युवा मोर्चा सिरसा के जिलाध्यक्ष विजयंत शर्मा, पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर नितिश शर्मा व नहरी विभाग पंजाब के एसडीओ अभिषेक शर्मा ने शिरकत की और मोहम्मद रफी व लता मंगेशकर के चित्र के समक्ष ज्योति प्रवज्जवित कर कार्यक्रम का आगाज करवाया।आए हुए सभी अतिथियों और दर्शकों का इस कार्यक्रम की संयोजक रजनी मोंगा व राज कुमार सचदेवा ने स्वागत किया। इस कार्यक्रम का आगाज रजनी मोंगा ने मां सरस्वती की वंदना के साथ किया इसके उपरांत एक के बाद रफी के चाहने वालों ने उनके द्वारा गाए गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। शास्त्रीय संगीत के उस्ताद फाजिल्का से आए मास्टर कृष्ण शांत ने ‘मधुबन में राधिक नाये रे’, व ‘अज हुन ना आये बालमा सावन बीता जाए’ की स्वर लहरियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर अपने ही स्थान पर खड़े होकर झूमने को मजबूर कर दिया। डबवाली की गायिका वंदना वाणी ‘वो जब याद आए बहुत याद आए’, मनोहर पेंटर द्वारा गाए गए ‘तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को किसी नजर न लग जाए,। जगदीप बेरी द्वारा ‘दस मेरया दिलबरा वे तू केहड़े अर्श’, बठिंडा से आए जीतू वर्मा ने दर्द भरे गीतों की माला से भरे गीत दर्दे दिल, दर्दे जिगर दिल में जगाया आपने की प्रस्तुति दी। सिरसा से आए केके पप्पू ने ‘हुई शाम उनका ख्याल आ गया’, बठिंडा के दिवेंद्र सिंकदर का यह गीत ‘हुई शाम उनकी, ख्याल आ गया’ ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।

राजिंद्र छाबड़ा ने कर चले हम फिदा जानो तन साथियो, राज कुमार सचदेवा ने लिखे जो खत मुझे, रजनी मोंगा ने लिखे जो खत मुझे, वो तेरी याद में वहीं पंजाब के अबोहर शहर से आए सुरेंद्र चंचल द्वारा गाए गीत ‘आने से उसके आए बहार’ गीत पर पूरा दर्शक वर्ग झूम उठा। डबवाली के स्थानीय व दूसरे शहरों से आए रफी व लता के दिवानों ने ऐसी स्वर लहरिया छेड़ी की देर राता तक श्रोतागण संगीत की धुने पर झूमते रहे। इस कार्यक्रम के दौरान रजनी मांगा (महक मोंगा) की हालहि में रिलीज हुई एलबम ‘ना मईया दा’ का पोस्टर रिलीज किया गया। इस कार्यक्रम में आए विशेष मेहमानों ने सुरो के बादशाह मोहम्मद रफी साहब व लता मंगेशकर द्वारा गाए गए गीतों की सराहना करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान को ईश्वर ने संगीत की ऐसी महान हस्तियां मिली जिन्हे युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी मेहमानों व कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सुरों की इस महिफिल में मंच संचालन का कार्य आचार्य रमेश सचदेवा व गुरदीप कामरा (दर्दी) ने बेहतरीन ढंग से किया।


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