ये डबल इंजन की सरकार नहीं डबल अटैक की सरकार है: अमित सिहाग

मौजूदा सरकार डबल इंजन की नहीं बल्कि डबल अटैक की सरकार है। यह बात हलका डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने आज हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के तहत गांव मटदादू, रामपुरा बिश्नोईयां, रत्ताखेड़ा, राजपुरा,मोड़ी,मुन्नावाली,गोदिकां, अहमदपुर दारेवाला,चक फरीदपुर,कालुआना आदि गांवों में जनसंवाद के दौरान कही।अमित सिहाग ने कहा कि जहां एक तरफ महंगाई की मार है वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी चरम सीमा पर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हुड्डा सरकार के समय जो हरियाणा रोजगार में नंबर वन पर था,आज वह बेरोजगारी में नंबर वन पर आ गया है, जिसके चलते युवाओं में चिंता का माहौल है और युवा नशे की तरफ बढ़ रहे हैं।
सिहाग ने कहा कि कभी पेपर रद्द होने और कभी पेपर लीक होने के कारण जहां सरकारी नौकरियां सिरे नहीं चढ़ रही, वहीं अब प्राइवेट सेक्टर में भी नौकरियां मिलनी मुश्किल हो गई है। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस सरकार ने गुड़गांव को मिलेनियम सिटी बना हरियाणा में बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां खड़ी करके लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए वहीं मौजूदा समय में सरकार की नाकामी के चलते नूह जैसे क्षेत्र में सांप्रदायिक दंगे हो रहे हैं जिससे व्यापारी वर्ग में डर का माहौल है।उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में व्यापारी द्वारा पूंजी निवेश करना तो दूर की बात, ऐसी शंका पैदा हो रही है कि कहीं पहले से हरियाणा में स्थापित उद्योग भी यहां से पलायन ना कर जाएं क्योंकि मौजूदा स्थिति में व्यापारी वर्ग अपनी जान माल को लेकर चिंतित है।
विधायक सिहाग ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री बयान दे रहे हैं कि वह हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकते तो दूसरी तरफ गृहमंत्री कह रहे हैं कि उन्हें इन दंगों के बारे में कई घंटे बाद किसी आम व्यक्ति से पता चला। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में ऐसे गैर जिम्मेदार अभियान देने समझ से परे है। सिहाग ने कहा कि गुप्तचर विभाग मुख्यमंत्री के पास होने की बात कह कर गृहमंत्री ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को दंगों के लिए दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री ने खुद बयान दिया है कि उन्हें गुप्तचर विभाग की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई जिसके कारण दंगे भड़क गए, उनके इस बयान से साबित होता है कि मुख्यमंत्री व गृहमंत्री में तालमेल का अभाव है और आमजन के जान माल का नुकसान हो रहा है।
सिहाग ने कहा कि कांग्रेस राज में कच्चे तेल की कीमत 145 डॉलर प्रति बैरल थी और डीजल केवल 55 रुपए प्रति लीटर मिलता था, इसके साथ ही गैस की कीमत मात्र 410 रुपए थी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत आज कच्चे तेल की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल है और डीजल 91 रुपए लीटर मिल रहा है तथा गैस के सिलेंडर का मूल्य 1200 रुपए हो गया है।विधायक ने कहा कि 2014 में हम अच्छे दिन के झांसे में आ गए जिसके परिणाम स्वरूप तोहफे के रुप में तीन कृषि विरोधी काले कानून सहित हमें पेट्रोलियम पदार्थों,सब्जियों आदि की इतनी भारी कीमतें अदा करनी पड़ रही है।
अमित सिहाग ने कहा कि पिछले 3 दिन से 4 किसान नारायणगढ़ खेड़ा गांव में पानी की टंकी पर चढ़कर सरकार से खराब फसल के मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं,लेकिन सरकार की बेरुखी इस बात की तरफ संकेत कर रही है कि सरकार किसानों के साथ नहीं बल्कि बीमा कंपनियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बीमा की किस्त भरने के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की जाती है लेकिन बीमा क्लेम देने के लिए सरकार कोई तिथि निर्धारित नहीं करती। सिहाग ने सरकार से किसानों का पिछला मुआवजा तुरंत देने की मांग की।
अपने संबोधन में डॉ केवी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहत जाने से लोगों का न्यायपालिका में विश्वास बना है।उन्होंने मांग की है कि जिस प्रकार से राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने के लिए तीव्रता दिखाई गई थी अब उसी तरीके से उनके सदस्य बहाल करने के लिए भी तुरंत प्रभाव से कार्यवाही करनी चाहिए।

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