मजदूर हेमराज पर तलवारों से जानलेवा हमला, न्याय की मांग को लेकर सिटी थाना पहुंचे किसान नेता

**डबवाली, 28 मई:** डबवाली गांव के मजदूर हेमराज पर सात-आठ बदमाशों ने तलवारों और लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद किसान मजदूर संगठनों के नेता सिटी थाना पहुंचे और न्याय की मांग की।

#### घटना का विवरण

मजदूर हेमराज गुरु घर में मत्था टेकने के बाद घर की ओर लौट रहा था। उसी समय मोटरसाइकिलों पर सवार सात-आठ बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर आस-पड़ोस के लोग इकट्ठे हो गए, जिससे हमलावर भाग निकले। परिजनों और ग्रामीणों ने हेमराज को सिविल अस्पताल डबवाली में भर्ती कराया।

#### किसान नेताओं का प्रदर्शन

अखिल भारतीय किसान सभा के युवा नेता कामरेड राकेश फगोडि़या, सरपंच शिवचरण बराड़ और अन्य ग्रामीण नेता अस्पताल पहुंचे और हेमराज से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस से तुरंत कठोरतम कार्रवाई की मांग की। किसान नेता राकेश फगोडि़या और कामरेड नथूराम भारूखेडा ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सिटी थाने का घेराव करेंगे।

#### पुलिस का आश्वासन

आज सुबह किसान मजदूर नेता ग्रामीणों के साथ सिटी थाना पहुंचे, जहां पुलिस उप अधीक्षक जय भगवान ने ठोस कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद नेताओं ने प्रदर्शन स्थगित कर दिया।

#### बढ़ते अपराध पर चिंता

किसान नेता राकेश फगोडि़या ने कहा कि इलाके में चोरी, लूट, डकैती की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन के संरक्षण में नशीले पदार्थों का व्यापार बढ़ रहा है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज कोई भी महिला आभूषण पहनकर सड़क पर नहीं चल सकती।

#### संगठनों की मांग

किसान और मजदूर संगठनों ने अवैध नशा और अपराध पर रोक लगाने के लिए व्यापक संघर्ष की आवश्यकता जताई। पुलिस उप अधीक्षक ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

#### उपस्थित लोग

आज सिटी थाना में कामरेड नथूराम भारूखेडा, कामरेड राकेश फगोडि़या, अकुश शोलकीं, सरपंच शिवचरण बराड़, गुरचरण फौजी, कामरेड छिद्र कौर, कामरेड राजरानी, जगपाल सिंह, अमरजीत खालसा, काका सिंह, गुरमेल सिंह, अजयपाल बराड़, अमृतपाल सहित कई किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान उपस्थित रहे।

No comments:

IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

क्या डबवाली में BJP की इस गलती को नजर अंदाज किया जा सकता है,आखिर प्रशासन ने क्यों नहीं की कार्रवाई