भाखड़ा नहर में 20 फुट का कटाव: 11 घंटे की मेहनत के बाद रोका गया जल रिसाव
डबवाली न्यूज नेटवर्क| गांव सुरतिया के नजदीक सोमवार देर शाम भाखड़ा नहर से पानी का रिसाव शुरू हो गया, जिससे 20 फुट का कटाव हो गया और आसपास की फसलें जलमग्न हो गईं। हादसे के समय नहर में 1500 क्यूसिक पानी बह रहा था। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने गांव में मुनादी करवा दी और बड़ी संख्या में ट्रैक्टर व अन्य सामान लेकर मौके पर पहुंचे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी तुरंत सूचित किया गया।
तुरंत हरकत में आया सिंचाई विभाग
नहर में कटाव को रोकने के लिए 11 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद काम पूरा हुआ। इस दौरान एक जेसीबी मशीन धंस गई, लेकिन चालक सुरक्षित बच गया। सिंचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल ने बताया कि मंगलवार सुबह 5 बजे टोहाना से भाखड़ा नहर का पानी बंद करवा दिया गया था।
20 फुट लंबा कटाव, फसलें बर्बाद
नहर में कटाव होने के कारण 20 फुट लंबाई तक ईंटों के बैड को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों और अधिकारियों ने मिलकर नहर को दुरुस्त किया और सुबह 9 बजे नहर में पानी दोबारा शुरू करवाया गया। हालांकि, इस दौरान मूंग की कई एकड़ फसल को नुकसान हुआ।
पिछले साल की सफाई के बाद पेड़ों की जड़ों ने बढ़ाई समस्या
पिछले साल सितंबर में भाखड़ा नहर की सफाई के बाद, पेड़ों की जड़े तटबंध पर लगी ईंटों में घुस गईं। जिससे धीरे-धीरे पानी का रिसाव शुरू हो गया और 20 फुट का कटाव हो गया। नहर की सुरक्षा में लापरवाही और वन विभाग द्वारा पेड़ों की नंबरिंग में भी गंभीरता नहीं दिखाई गई।
भविष्य में रोकथाम के उपाय
भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए किसानों ने मिट्टी के कट्टों से तटबंध को मजबूत करना शुरू कर दिया। प्रशासन ने भी 65 मनरेगा मजदूरों से नहर के किनारे उगी झाड़ियों और पेड़ों की छंगाई का कार्य शुरू करवा दिया।
जेसीबी मशीन को हुआ नुकसान
जेसीबी के मालिक हिम्मत सिंह ने बताया कि नहर के साथ वाली पटरी पानी के कारण नीचे से खोखली हो गई थी, जिससे जेसीबी मशीन धंस गई और लगभग 1 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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