14 जून: जानिए विश्व रक्तदान दिवस पर इस महादान के फायदे
हम सब जानते ही हैं कि खून की एक बूंद किसी की जिंदगी भी बचा सकती है। खून के बिना बॉडी अर्थात् शरीर मांस और हड्डियों से बना सिर्फ एक कंकाल रह जाता है। जैसा कि हम सब जानते ही है कि देश और दुनिया में हजारों लोग खून की कमी के कारण अर्थात् समय पर खून नहीं मिलने के कारण अपनी जान गवा देते हैं। यदि जरूरतमंद को समय पर खून मिल जाए तो उसकी जान बच जाती है अर्थात् जरूरतमंद को यदि समय पर कोई रक्तदानी रक्तदान कर दे तो उसका जीवन बचाया जा सकता है और अक्सर बच भी जाता है।
जन मानस में रक्तदान करने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। ब्लड डोनेशन एक दर्द रहित क्रिया है जो जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक होती है। विश्व भर में इस दिन को मनाने का अर्थ भी यही है कि रक्तदान के लिए सभी को प्रोत्साहित किया जाए और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।
14 जून 2004 से डब्ल्यू. एच. ओ., वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के 20 वर्ष पूरे होने पर इस बार का ध्येय वाक्य है “थैंक यू ब्लड डोनर्स”।
नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल फॉर नेशनल ऐड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन जोकि एक मुख्य सरकारी संगठन है और भारत में रक्त सुरक्षा और रक्ताधान सेवाओं के लिए जिम्मेदार है के अनुसार रक्तदान के ढेरों फायदे हैं। यह न सिर्फ रक्त पाने वाले के लिए बल्कि रक्तदान करने वाले के लिए भी फायदेमंद है। आओ जानते हैं रक्तदान के कुछ फ़ायदों के बारे में
1. आयरन लेवल रहता है ठीक: नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में आयरन का स्तर ठीक बना रहता है। दिल की बीमारियों विशेष प्रकार के कैंसर जैसे लिवर कैंसर आदि का खतरा कम हो जाता है ।
2. जिंदगियां बचाता है: कई मरीजों के इलाज के दौरान उन्हें रक्त देना जरूरी हो जाता है क्योंकि गंभीर दुर्घटनाओं के मामले में व गर्भावस्था की जटिलता के दौरान महिलाओं को रक्त की जरूरत होती है और रक्तदान के द्वारा ही इन मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है।
3. संतोष की भावना: रक्तदान करने से हमारे मन में संतोष की भावना आती है। हम महसूस करते हैं कि हमने किसी को जीवन जीने में मदद की है। इससे हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ही अच्छा असर पड़ता है।
4. रक्त प्रवाह बेहतर होता है: रक्तदान करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इससे हमारे स्वयं के स्वास्थ्य में भी बहुत सुधार आता है ।
5. पांच नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच: जैसा कि हम सब जानते हैं कि रक्त जांच से पहले नि:शुल्क शारीरिक जांच की जाती है जैसे कि ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, पल्स आदि जिससे रक्तदानी की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में पता चलता है और हम अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक हो जाते हैं। रक्त लेने के बाद भी अनेकों तरह के टेस्ट किए जाते हैं और उनके दौरान भी हमें बहुत सारी ऐसी बीमारियों के बारे में यदि वह शरीर में घटित हो रही होती है। यदि किसी बीमारी का पता चल जाता है तो समय रहते विभाग द्वारा हमें सूचित किया जाता है और आवश्यकता अनुसार हम उसका इलाज करवा कर उससे निदान प्राप्त कर सकते हैं और यह सारा काम नि:शुल्क होता है।
6. समुदाय का निर्माण होता है: रक्तदान लोगों को एक दूसरे के साथ जोड़ता है। सामुदायिक भावना को बढ़ावा देता है। खास तौर पर जब रक्तदान अभियान समुदाय का योजनाओं के रूप में चलाए जाते हैं। इससे एकजुटता, टीमवर्क और समाज कल्याण की गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
7. आयरन का ओवरलोड कम होता है: नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में आयरन का ओवरलोड काम होता है जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम का कारण हो सकता है। आयरन ओवरलोड से लीवर एवं दिल की बीमारियां तथा कई अन्य बीमारियों की भी संभावना बढ़ जाती है।
इस प्रकार रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने से जहां हम रक्तदानियों की संख्या में बढ़ोतरी करते हैं, वहीं रक्त की आपूर्ति बढ़ाने में भी बहुत ज्यादा मदद मिलती है। जिस समय रहते उपयोग में लाकर बहुत ही लोगों का जीवन बनाया बचाया जा सकता है अक्सर हमारे द्वारा दिया गया रख ने केवल एक्सीडेंट में अथवा ऑपरेशन थिएटर में अथवा गर्भवती महिलाओं के लिए प्रयोग लाया जाता है परंतु सेवा में समय-समय पर इसकी जरूरत पड़ती रहती है और यदि हम रक्तदान करते रहते हैं और हमारे पास रक्त भंडारण पर्याप्त मात्रा में बना रहता है तो यह एक तरह से हमारे सैनिकों के लिए भी बहुत ही कारगर सिद्ध होता है और हम इसके द्वारा देश की भी सेवा कर पाते हैं।
कुल मिलाकर रक्तदान दूसरों की मदद करने का एक सुरक्षित तरीका है। इससे न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य में सुधार आता है बल्कि समाज पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होता है।
14 जून 2004 से डब्ल्यू. एच. ओ., वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के 20 वर्ष पूरे होने पर इस बार का ध्येय वाक्य है “थैंक यू ब्लड डोनर्स”।
नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल फॉर नेशनल ऐड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन जोकि एक मुख्य सरकारी संगठन है और भारत में रक्त सुरक्षा और रक्ताधान सेवाओं के लिए जिम्मेदार है के अनुसार रक्तदान के ढेरों फायदे हैं। यह न सिर्फ रक्त पाने वाले के लिए बल्कि रक्तदान करने वाले के लिए भी फायदेमंद है। आओ जानते हैं रक्तदान के कुछ फ़ायदों के बारे में
1. आयरन लेवल रहता है ठीक: नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में आयरन का स्तर ठीक बना रहता है। दिल की बीमारियों विशेष प्रकार के कैंसर जैसे लिवर कैंसर आदि का खतरा कम हो जाता है ।
2. जिंदगियां बचाता है: कई मरीजों के इलाज के दौरान उन्हें रक्त देना जरूरी हो जाता है क्योंकि गंभीर दुर्घटनाओं के मामले में व गर्भावस्था की जटिलता के दौरान महिलाओं को रक्त की जरूरत होती है और रक्तदान के द्वारा ही इन मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है।
3. संतोष की भावना: रक्तदान करने से हमारे मन में संतोष की भावना आती है। हम महसूस करते हैं कि हमने किसी को जीवन जीने में मदद की है। इससे हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ही अच्छा असर पड़ता है।
4. रक्त प्रवाह बेहतर होता है: रक्तदान करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इससे हमारे स्वयं के स्वास्थ्य में भी बहुत सुधार आता है ।
5. पांच नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच: जैसा कि हम सब जानते हैं कि रक्त जांच से पहले नि:शुल्क शारीरिक जांच की जाती है जैसे कि ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, पल्स आदि जिससे रक्तदानी की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में पता चलता है और हम अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक हो जाते हैं। रक्त लेने के बाद भी अनेकों तरह के टेस्ट किए जाते हैं और उनके दौरान भी हमें बहुत सारी ऐसी बीमारियों के बारे में यदि वह शरीर में घटित हो रही होती है। यदि किसी बीमारी का पता चल जाता है तो समय रहते विभाग द्वारा हमें सूचित किया जाता है और आवश्यकता अनुसार हम उसका इलाज करवा कर उससे निदान प्राप्त कर सकते हैं और यह सारा काम नि:शुल्क होता है।
6. समुदाय का निर्माण होता है: रक्तदान लोगों को एक दूसरे के साथ जोड़ता है। सामुदायिक भावना को बढ़ावा देता है। खास तौर पर जब रक्तदान अभियान समुदाय का योजनाओं के रूप में चलाए जाते हैं। इससे एकजुटता, टीमवर्क और समाज कल्याण की गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
7. आयरन का ओवरलोड कम होता है: नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में आयरन का ओवरलोड काम होता है जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम का कारण हो सकता है। आयरन ओवरलोड से लीवर एवं दिल की बीमारियां तथा कई अन्य बीमारियों की भी संभावना बढ़ जाती है।
इस प्रकार रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने से जहां हम रक्तदानियों की संख्या में बढ़ोतरी करते हैं, वहीं रक्त की आपूर्ति बढ़ाने में भी बहुत ज्यादा मदद मिलती है। जिस समय रहते उपयोग में लाकर बहुत ही लोगों का जीवन बनाया बचाया जा सकता है अक्सर हमारे द्वारा दिया गया रख ने केवल एक्सीडेंट में अथवा ऑपरेशन थिएटर में अथवा गर्भवती महिलाओं के लिए प्रयोग लाया जाता है परंतु सेवा में समय-समय पर इसकी जरूरत पड़ती रहती है और यदि हम रक्तदान करते रहते हैं और हमारे पास रक्त भंडारण पर्याप्त मात्रा में बना रहता है तो यह एक तरह से हमारे सैनिकों के लिए भी बहुत ही कारगर सिद्ध होता है और हम इसके द्वारा देश की भी सेवा कर पाते हैं।
कुल मिलाकर रक्तदान दूसरों की मदद करने का एक सुरक्षित तरीका है। इससे न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य में सुधार आता है बल्कि समाज पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होता है।
आचार्य रमेश सचदेवा
मोटिवेशनल स्पीकर एवं पेरेंटिंग कोच
मोटिवेशनल स्पीकर एवं पेरेंटिंग कोच
1 comment:
Thanks a lot.
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