श्रावणी पर्व पर आर्य समाज मंडी डबवाली में उल्लासपूर्ण आयोजन
डबवाली। आर्य समाज मंडी डबवाली में रविवार को श्रावणी पर्व बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर सुबह 9 बजे से साढ़े 10 बजे तक साप्ताहिक हवन यज्ञ और वैदिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अगुवाई प्रचार प्रमुख विजय कुमार शास्त्री ने की।
श्रावणी पर्व के दौरान, उपस्थित आर्यजनों ने अपने पुराने यज्ञोपवीत को उतारकर नए यज्ञोपवीत धारण किए। यज्ञब्रह्मा के रूप में विजय कुमार शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया, जबकि उपाध्यक्ष विजय कुमार कामरा ने मुख्य यजमान के रूप में आहुतियां दीं। शास्त्री ने यज्ञोपवीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें तीन धागे होते हैं, जो मातृ-पितृ ऋण, देव ऋण और गुरु ऋण को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञोपवीत धारण करने वाले व्यक्ति का जीवन पवित्र होता है, और उसे नशा व अस्वच्छ आचरण से दूर रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कोलकाता की एक महिला चिकित्सक के साथ हुई हृदयविदारक घटना की कड़ी निंदा की गई और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की गई। साथ ही, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया।
भजनोपदेशक सत्यपाल पथिक द्वारा रचित भजनों के माध्यम से महर्षि दयानंद सरस्वती, महात्मा श्रद्धानंद, पं. लेखराम, गुरुदत्त विद्यार्थी जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदानों को नमन किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधा और रक्षा बंधन की बधाई दी। इसके बाद वैदिक प्रार्थना, जयघोष और शांतिपाठ के साथ प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष भारत मित्र छाबड़ा, श्याम लाल सिंगला, अमितराज मेहता, डॉ. लोकेश्वर वधवा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment