साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिल रही है डिजिटल अरेस्ट से ठगी की शिकायते : एसपी डबवाली
डबवाली 24 सितम्बर । पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग ने बताया कि आपके बेटे या बेटी का नाम लेकर कहा जाये कि वह कहा है और अगले ही पल पर कहा जाये कि मै नारकोटिक्स विभाग, सीबीआई या पुलिस से बोल रहा हु और वह हमारी हिरासत में है। ड्रग्स या अन्य किसी में गतिविधि में शामिल होने की वजह से उसे पकडा गया है। इसके अलावा आपके नाम विदेश से पार्सल आया और उसमे आपतिजनक वस्तु होने की बात कही जाये तो तुरंत सतर्क हो जाये। यह साइबर ठगों का काम हो सकता है। साइबर ठग आपको डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का शिकार बना सकते है । ऐसे हालात मे घबराये नही सचेत रहे और साइबर क्राइम र हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत द कॉल करे।
क्या है डिजिटल अरेस्ट
- यह साइबर ठगों द्वारा अपनाया जाने वाला ठगी का नया तरीका है। डिजिटल अरेस्ट के मामले में ठग किसी सरकारी एजेंसी का अफसर या पुलिस अफसर बनकर वीडियो कॉल करते है। वीडियो कॉल के बैकग्राउंड को किसी पुलिस स्टेशन की तरह बना लिया जाता है। जिसे देखने वाला हर व्यक्ति डर जाता है और उनकी बातो मे आ जाता है। इसमें पीड़ित को फोन कर झूठे मामले मे पहले काफी डराया जाता है और कहा जाता है कि इसके ऊपर मामला दर्ज किया जा रहा है, जिससे वह डर जाता है। इसमे वीडियो कॉलिंग के द्वारा पीड़ित को घर मे बंधक बना लिया जाता है। ठगों द्वारा व्यक्ति को 24 घंटे उनके संपर्क मे रहने के लिये सर्विलांस पर फोन या वेबसाइट के जरिये नजर रखने की बात कही जाती है। अपराधी इस दौरान आपको वीडियो कॉल से हटने भी नही देता है और न ही किसी को कॉल करने देते है। लंबी सजा और बड़े जुर्माने व समाज मे अपमान होने के डर से पीड़ित ठगो द्वारा कही हर बात को फॉलो करता है। इस दौरान ठग केस को रफा-दफा करने के लिए पीड़ित से पैसे मांगता है और पीडित उसे रकम भी दे देता है। आगे पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट मे पीड़ित को स्काइप के माध्यम से निगरानी मे रखा जाता है। और ठगी करने के बाद ही उसे मुक्त किया जाता है। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर डिजिटल अरेस्ट की शिकायतों मे अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, सीबीआई विभाग, सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के अधिकारी बताकर धमकी, ब्लैकमेल, जबरन वसूली और डिजिटल अरेस्ट जैसी वारदातो को अंजाम देते है। ऐसे जालसाजो से बचकर रहे और तुरंत शिकायत साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करे।
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