वैरागण खुशी जैन को हल्दी लगाकर धन्य हुए जैन श्रद्धालु, गाए मंगलगीत,रविवार, 17 नवंबर को डबवाली में दीक्षित होगी मुमूक्षु खुशी जैन
डबवाली-जैन महासाध्वियों वीरकांता जी महाराज, वीना जी महाराज, डा. अर्पिता जी महाराज व डा. आर्या जी महाराज के सानिध्य में आगामी 17 नवंबर, रविवार को डबवाली में दीक्षित होने जा रहीं मुमुक्षु खुशी जैन के सम्मान में स्थानीय जैन सभा भवन में खुशियों का उत्सव चल रहा है। जैन श्रद्धालु हर रस्म में बढ़चढ़ कर भाग लेते हुए नाच गाकर खुशियों का इजहार कर रहे हैं।
आज शुक्रवार को वैरागण खुशी जैन की हल्दी की रस्म की गई। दर्शन लाल देसूजोधा के परिवार ने खुशी को सबसे पहले हल्दी लगाकर शुुरुआत की जिसके बाद सभी पदाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने खुशी जैन को हल्दी लगाकर खुद को धन्य किया। इस मौके पर युवती मंडल सदस्यों व अन्य महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए। खुशी के दमकते चेहरे से ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे वह कह रही हो कि सजेगी संयम की हल्दी, मोक्ष में पहुंचगी मैं जल्दी। इससे पहले केसर रस्म व वीरवार को गुड़तोल रस्म निभाई गई व वैरागण खुशी जैन खुद बाइक चलाते हुए जैन सभा से नंदीशाला तक गई। वहां गौसेवा की एवं कामधेनू माता की आरती भी करवाई।
जैन सभा प्रधान सुभाष जैन पप्पी ने बताया कि रात्रि को घोड़ी रस्म के बाद कल शनिवार को जैन सभा भवन में मेहंदी रस्म व अन्य रस्में निभाई जाएगी। रविवार 17 नवंबर को सुबह 8 बजे से 9 बजे तक शोभायात्रा व दोपहर 12 बजे दीक्षा पाठ होगा। दीक्षित होने के बाद खुशी जैन को नया आध्यात्मिक नाम जैन साध्वियों द्वारा दिया जाएगा। इस उपरांत साध्वी बनी खुशी जैन का जप तप व त्याग का कठिन सफर शुरु होगा और वह मानवता भलाई के कार्यों में लीन होकर आगे बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि डबवाली इलाका एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है।
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