शिक्षाविद् डा. बीर चंद गुप्ता द्वारा लिखित दूसरी पंजाबी पुस्तक 'अजमेर सिंह औलख दी नाट चेतना' का विमोचन
डबवाली, 26 नवंबर:
शिक्षाविद् डॉ. बीरचंद गुप्ता की दूसरी पंजाबी पुस्तक 'अजमेर सिंह औलख दी नाट चेतना' का विमोचन कुरुक्षेत्र के गीता जयंती महोत्सव के अंतिम दिन गीता संवाद मंच पर किया गया। इस पुस्तक का लोकार्पण कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पब्लिकेशन विभाग के सेवानिवृत्त प्रबंधक डॉ. मनिंद्र कुमार मोदगिल ने किया।
पुस्तक में प्रसिद्ध नाटककार स्व. अजमेर सिंह औलख के जीवन और उनकी रचनाओं का आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्व. औलख ने अपनी 38 पुस्तकों में लगभग 70 नाटक लिखे, जिनमें रिश्तों और सामाजिक संबंधों के विभिन्न पहलुओं को मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक विद्यार्थियों के लिए उपयोगी
डॉ. मोदगिल ने कहा कि यह पुस्तक बीए, एमए पंजाबी, पीएचडी और यूजीसी नेट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि स्व. औलख ने अपने नाटकों में समाज के विभिन्न किरदारों को खूबसूरती से उकेरा है, और यह पुस्तक उनके जीवन और विचारधारा को समझने का बेहतरीन माध्यम है।
लेखक का अनुभव और शोध कार्य
डॉ. बीरचंद गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एमफिल और पीएचडी के दौरान स्व. औलख की रचनाओं पर गहन शोध किया, जो इस पुस्तक का आधार बना। इससे पहले, उनकी पुस्तक 'अजमेर सिंह औलख दा नाट संसार-बहुपरती मनुखी संबंध' भी काफी सराही गई थी।
शहरवासियों और साहित्य प्रेमियों ने दी बधाई
डॉ. गुप्ता को पुस्तक प्रकाशन पर बधाई देते हुए प्रमुख रंगकर्मी संजीव शाद और अन्य साहित्य प्रेमियों ने उनके लेखन कार्य की सराहना की। समारोह में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया, प्रो. तेजिंद्र शर्मा, डॉ. निर्मला रानी और फिल्म अदाकारा मनजीत औलख समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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