2025 में बंद करने योग्य आदतें: एक नई शुरुआत की ओर -आचार्य रमेश सचदेवा

समय के साथ हमारी आदतें और व्यवहार हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं। 2025 की शुरुआत एक बेहतर दिशा में करने के लिए, यह जरूरी है कि हम उन आदतों को पहचानें और छोड़ें जो हमारे विकास और समाज के उत्थान में बाधा बन रही हैं।

1. समय की बर्बादी: आज के डिजिटल युग में समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। सोशल मीडिया और गैर-जरूरी कार्यों में समय गंवाना बंद करें।

2. सीखने की उपेक्षा: सीखना जीवन का एक निरंतर प्रक्रिया है। छात्रोंशिक्षकों और नेताओं को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।

3. दूसरों को दोष देना: अपनी समस्याओं के लिए दूसरों को दोष देने से बचें। आत्म-आलोचना करें और सुधार के लिए कदम उठाएं।

4. नकारात्मक सोच और व्यवहार: नकारात्मक सोच न केवल आपका आत्मविश्वास कमजोर करती है बल्कि आपके आस-पास के लोगों को भी प्रभावित करती है।

5. संवादहीनता: संवाद हर रिश्ते और संगठन का आधार है। छात्रों और शिक्षकों से लेकर संस्थानों के ट्रस्टियों तकसभी को पारदर्शी और प्रभावी संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।

6. आलोचना में लिप्त होना: केवल आलोचना करना और समाधान न देना विकास में बाधा बनता है। समस्या पर ध्यान दें और समाधान पेश करें।

7. नकल करना: दूसरों की नकल करने के बजाय अपनी विशेषताओं और कौशल को पहचानें और उन्हें निखारें।

8. निर्णय लेने में देरी: नेताओं और ट्रस्टियों को यह समझना चाहिए कि सही समय पर लिया गया निर्णय किसी भी संस्थान की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

9. पर्यावरण के प्रति लापरवाही: पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दें। कचरा फैलानाप्लास्टिक का उपयोग और संसाधनों की बर्बादी बंद करें।

10. स्वास्थ्य की अनदेखी: स्वस्थ शरीर और मन के बिना कोई भी सफलता अधूरी है। तनावअनियमित खानपान और शारीरिक व्यायाम की कमी से बचें।

11. शिक्षा को केवल नौकरी से जोड़ना: शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहींबल्कि एक बेहतर इंसान बनना है। शिक्षा को जीवन के हर पहलू में उपयोगी बनाएं।

12. अनुशासन की कमी: अनुशासन हर क्षेत्र की नींव है। छात्रशिक्षक और पेशेवर सभी अपने जीवन में अनुशासन को प्राथमिकता दें।

13. छोटी सोच रखना: छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने के बजायबड़ी सोच और दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान दें।

14. आत्म-मूल्यांकन न करना: अपने कार्यों और आदतों का समय-समय पर मूल्यांकन करना बहुत जरूरी है। यह व्यक्तिगत विकास का आधार है।

15. असफलता से डरना: असफलता को अपने प्रयासों का हिस्सा मानें और इससे सीखने की कोशिश करें।

16. तकनीक का दुरुपयोग: तकनीक का उद्देश्य हमारी जिंदगी को आसान बनाना हैन कि इसे जटिल। छात्रों को खासतौर पर तकनीक का सही इस्तेमाल सीखना चाहिए।

17. ज्ञान को सीमित करना: ज्ञान सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है। नई किताबें पढ़ेंनई चीजें सीखें और खुद को विभिन्न क्षेत्रों में अपडेट रखें।

18. मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा: जैसे शारीरिक स्वास्थ्य जरूरी हैवैसे ही मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दें। तनाव और चिंता का प्रबंधन करें।

19. दूसरों की उपेक्षा: दूसरों की जरूरतों और भावनाओं को समझना एक जिम्मेदार समाज की निशानी है। संवेदनशील बनें।

20. ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना: स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को अपनाएं और दूसरों की सफलता में खुश होना सीखें। ईर्ष्या सिर्फ आपके विकास में बाधा बनेगी।

अत: 2025 में इन आदतों को छोड़कर हम व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से एक बेहतर समाज की स्थापना कर सकते हैं। यह न केवल हमें एक बेहतर इंसान बनाएगा बल्कि हमारी शिक्षापेशा और संस्थानों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आइएइस नववर्ष की शुरुआत एक सकारात्मक बदलाव से करें।

स्वतंत्र लेखक  

निदेशक

ऐजू स्टेप फाउंडेशन

 

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