नगरपरिषद को बदनाम करने के प्रयासों में लगे लोगों को टेकचंद छाबड़ा ने आड़े हाथों लिया -कहा, नगरपरिषद द्वारा नियमों के तहत शहर में दी जा रही है विकास को गति

डबवाली--आवारा पशुओं की समस्या केवल डबवाली की नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश में आवारा पशुओं के कारण लोग परेशान हैं। सड़कों पर विचरने वाले आवारा पशु अनेक हादसों का भी कारण बनते हैं। इस बड़ी समस्या के निपटने के लिए हरियाणा सरकार को राज्य स्तर पर योजना बनाकर उसे पूरे प्रदेश में लागू करने की जरुरत है। यह बात नगरपरिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने मंगलवार को एक प्रैस बयान में कही। नगरपरिषद को बदनाम करने के प्रयासों में लगे लोगों को आड़े हाथों लेते हुए टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि नगरपरिषद से संबंधित स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल से मिलकर उन्होंने यही मांग की है कि हरियाणा सरकार आवारा पशुओं पर नकेल कसने के लिए कोई ठोस योजना बनाए क्योंकि राज्य सरकार के सहयोग से ही नगरपरिषद द्वारा इस बड़ी समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। हर बात पर नगरपरिषद के खिलाफ प्रतिक्रिया देने वाले लोगों को सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आरोप लगाने चाहिए।
टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि नगरपरिषद डबवाली ने दो दिन अभियान चलाकर नंदीशाला में 102 पशु भिजवाए हैं। जिससे शहर में एक बारगी आवारा पशुओं की संख्या में कमी आई है। यह अभियान जारी रहेगा और गौशाला व नंदीशाला में जगह अनुसार आवारा पशुओं को पकड़कर वहां भेजा जाएगा। इसी प्रकार नगरपरिषद द्वारा कुत्तो की भी नसबंदी करवाई जा रही है जिससे उनकी संख्या ज्यादा न बढ़े। अब तक संबंधित ठेकेदार द्वारा करीब 1300 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। कुत्तों पर नकेल कसने के लिए नगरपरिषद के पास इससे ज्यादा अधिकार नही है। इसलिए कुत्तों की समस्या पर भी राज्य सरकार ही योजना बनाकर उसे लागू कर सकती है। चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि उनका लगातार प्रयास है कि आवारा पशुओं व कुत्तों की समस्या का कोई स्थायी हल हो। इसके अलावा शहर के विकास के लिए नगरपरिषद द्वारा खस्ता हाल हो चुकी गलियां का इंटरलॉक टाइल्स से निर्माण किया जा रहा है। जिन गलियों को बने काफी समय हो चुका है उनका नवनिर्माण भी नियमों के मुताबिक ही करवाया जा रहा है। जो कंपनियां गलियों को तोड़कर पाइपें वगैरह डालती है उनकी मंजूरी भी राज्य अथवा केंद्र सरकार द्वारा दी गई है और वे गली की रिपेयर के लिए नियमानुसार राशि जमा करवाते हैं। ऐसी गलियों को टेंडर व वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। सभी वार्डों में गलियों को रिपेयर करने का कार्य दो टीमों द्वारा किया जाएगा। चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि जो लोग सभी पहलुओं पर विचार किए बिना आरोप लगाते हैं वे शहर के विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं। ऐसे लोगों को बाज आना चाहिए और सकारात्मक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए ताकि डबवाली शहर में बिना भेदभाव के विकास करवाने के साथ-साथ विभिन्न समस्याओं को दूर करने का कार्य जारी रहे।

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